संवाददाता दिलीप कुमार
इटावा: यमुना और चम्बल नदी उफान की ओर बढ़ रही है। गोकुल बैराज से 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चंबल नदी खतरे के निशान (132 मीटर) के आसपास नदी का विकराल रूप डरा रहा है। ग्रामीणों में दहशत हैंं। भारी बारिश और बांधो से लगातार छोड़े जा रहे पानी से यमुना नदी और चम्बल नदी अपने खतरे के निशान से ऊपर पहुच गई है। बकेवर क्षेत्र ब्लाक महेवा तथा चकरनगर ब्लॉक के यमुना नदी के किनारे के 2 दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और हजारों बीघा फसल यमुना की बाढ़ में आकर नष्ट हो गई है।

लगातार बढ़ रहे जल स्तर से क्षेत्र की जनता काफी हताश तथा भयभीत नजर आ रही है। बाढ़ की चपेट में आने से स्थानीय गांव दिलीप नगर, मढैया एकनोर, अंदावा, अंदावा के बंगला, मढैया मल्हान, मढैया यादवान, कांची, गोहनी, ख़िरीट, रनिया, क्करैया, नोगावा, गढ़ा कासदागढ़ा , भरेह , चकरपुरा, हरोली, नीमाडांडा आदि गांवों में बाढ़ का कहर क्षेत्रीय जनता ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। चम्बल नदी के लगातार बढ़ रहे जल स्तर से मड़ैया पछायगाँव, बसबारा में पानी घुस गया।

बसबारा में 20 से 25 फिट पानी आने से गांव का संपर्क कट गया है। प्रभावित इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी श्रुति सिंह, अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, उपजिलाधिकारी सदर सिद्धार्थ समेत जिले के आला अधिकारी लगातार प्रभावित इलाको का दौरा कर ग्रामीणों को सुरक्षित इलाको में जाने के लिये निर्देशित कर रहे है।