Etawah News: Roads in disarray, villagers upset, administration unconscious
ब्यूरो संवाददाता
जसवंतनगर/इटावा: सरकार भले ही गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के जरिए तमाम खस्ताहाल सड़कों को बेहतर बनाने का दावा कर रही हो लेकिन सड़कों के गड्ढे इस अभियान की पोल खोल रही हैं। क्षेत्र की कई सड़कें ऐसी हैं जिन पर आना जाना मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्र के कई मार्ग हैं, जहां पर चलना मुश्किल हो रहा है। हर बरसात में ये मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो जाते हैं। ना तो इन्हें नई डिजाइन के तहत बनवाया जा रहा है, ना ही इन्हें ढंग से रिपेयर किया जा रहा है। यह सड़कें गड्ढा मुक्त अभियान को ठेंगा दिखा रही हैं। हर बार बरसात से पहले गड्ढा मुक्त अभियान चलाया जाता है इसके बाद भी सड़कों की दशा नहीं सुधरी है।
ग्राम पीहरपुर से अंडावली, नगला राम सुंदर से नगला तौर, सरामई, घुरहा जाखन, धरवार से धौलपुर, नहर कोठी से तमेरी तथा मड़ैया सिसहाट जैसे दर्जनों गांवों के संपर्क मार्गों की हालत खस्ता नजर आती है।
खस्ताहाल सड़कों से परेशान हैं लोग
जसवंतनगर। खस्ताहाल सड़कों से इस क्षेत्र के लोग परेशान हैं गांव में रहने वालों ने बताया कि यहां सड़क खराब होने के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को समस्या होती है। किसी की तबीयत खराब होने या किसी गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने तक में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बरसात में तो पूरी सड़क बंद हो जाए करता है, जिसके कारण कई गांव, कई मजरे पूरी तरह से कट जाया करते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सड़कें खस्ताहाल है तो फिर गड्ढा मुक्त अभियान के लिए जो रकम आती है वह कहां जाती है। गांव में रहने वालों ने यह आरोप भी लगाया है कि सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की जाती है जिससे वह जल्दी टूट जाती है।