संवाददाता महेश कुमार
इटावा: खाकी वालों ने शुक्रवार को जनपद में आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया, एसएसपी आफिस से लेकर सभी थानाें में पुलिसकर्मियों ने आतंकवाद और हिंसा को देश से मिटाने की शपथ ली। हर वर्ष की तरह इस बार भी 21 मई को आतंकवाद विरोध दिवस मनाया गया। 21 मई 1991 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। विस्फोट में 25 और लोगों की जान भी गई थी। इस घटना के बाद से ही 21 मई को आतंकवाद विरोध दिवस के रूप में मनाते हैं। शासन ने कोरोना काल में आतंकवाद दिवस सावधानी पूर्वक बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शुक्रवार को इटावा में आतंकवाद दिवस मनाया गया। एसएसपी श्री ब्रजेश कुमार सिंह जी ने अपने आफिस में पुलिसकर्मियों को शपथ दिलाई। इसी तरह सभी थानों में थाना प्रभारियों ने स्टाफ को शपथ दिलाई। पुलिसकर्मियों ने आतंकवाद और हिंसा मुक्त देश बनाने का संकल्प लिया। कोरोना संक्रमण से बचाव को इस बार शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा गया।

हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा और सहनशीलता की परंपरा में दृढ़ विश्वास रखते है और निष्ठापूर्वक शपथ लेता है कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे। हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव और सूझबूझ कायम रखने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ लेते हैं।

दिवस का उद्देश्य
इस दिवस को मनाने का अहम उद्देश्य यही है कि देश में आतंकवाद, हिंसा के खतरे और उनके समाज, लोगों तथा देश पर पड़ने वाले खतरनाक असर के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए, शांति और मानवता का संदेश फैलाना, लोगों के बीच आपसी सद्भाव का बीजारोपण कर उनमें एकता को बढ़ावा देना, युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के पथ से दूर रखना, किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर आतंकी गुटों में शामिल होने से युवाओं को बचाने के लिए उन्हें आतंकवाद के बारे में सही ढंग से शिक्षित-प्रतिशित करना, उनमें देशभक्ति जगाना, आम आदमी की पीड़ा और जीवन पर आतंकवाद के घातक प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक करना, यही आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य है।