Etawah News: The plight of the cows even in the Yogi government, the administration soyed Kumbhakarni sleep.
संवाददाता रिषीपाल सिंह
इटावा अहेरीपुर गौशाला की दुर्दशा देख आप को रोना आ जायेगा। गौशाला के नाम पर ढोंग करने वालो को दया भी नही आती वो अपना उल्लू सीधा करने जुटे हुये । गायो को ना मिलता पेट भर भोजन ना ही किसी प्रकार की बीमारी की कोई दवाए।कहिने को तो शासन गायो पर बहुत खर्च करने का ढिढोरा पीट रहा है। परंतु परिणाम वही ढाक के तीन पात जैसा कि दिख रहा है। यहा रोज दो चार गाये मर रही है ना कोई देखने वाला है और ना सुनने वाला।

गायों के नाम पर केवल खाना पूर्ति हो रही है।मरी हुई गायो को खुले मे फेक दिया जाता है जिनके उपर कुत्ते और स्यार नंगा नाच कर उनके मास को इधर उधर विखेर देते है। जो अत्यंत दयनीय है।ग्रामीणो ने यहा तक बताया कि कई गाये यहा से पैसे लेकर कसाइयो को भी बेची जा चुकी है। जो स्थानीय प्रशासन की मिली भगत की ओर इशारा करती है जो अत्यंत दुखद है।
इस तरह का बीभत्स दृश्य लोगों को झकझोर कर रख देता है जो गायें मर जाती है उन्हें गड्ढे में फेंक कर कुत्तों के हवाले किया जाता है और जो गाय तड़प रही है उनको कसाईयों के हवाले कर दिया जाता है और कसाई ले जाकर गांव में इंसानों के बीच वितरण कर रहा है क्या यही दुर्दशा देखने को शासन प्रशासन मौन है। गाव के लोगो ने उच्च अधिकारियो का ध्यान इस ओर आकर्शित करते हुये इस अनदेखी पर अंकुश लगाने की माग की है।