Etawah News: DM made a new strategy on the three-day strike of the Electricity Department
ब्यूरो संवाददाता
इटावा: बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार आंदोलन जारी रखा इसे लेकर विभाग के इंजीनियर तथा कर्मचारी अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में धरने पर बैठे रहे। कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों का जोश बढ़ाया तथा मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
कर्मचारियों का कहना है कि दिसंबर में कर्मचारियों की मांगों को लेकर समझौता हुआ था लेकिन समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है। सरकार समझौते से मुकर गई है इसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। इसके तहत बुधवार को कार्य बहिष्कार किया गया था और गुरुवार को भी यह कार्य बहिष्कार जारी रहा। रात 10:00 बजे से 72 घंटे की हड़ताल शुरू हो जाएगी। अपनी मांगों को लेकर बिजली विभाग के इंजीनियर तथा कर्मचारी सुबह से ही अधीक्षण अभियंता के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सभी मांगें जायज हैं और सरकार ने इस पर समझौता भी किया था लेकिन सरकार समझौते से मुकर गई जिसके कारण आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पर उन्हें पूरा भरोसा है और मुख्यमंत्री से अपील है कि वे कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें। अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना प्रदर्शन पर बैठने वालों में एसडीओ विवेक कुमार सिंह, गगन अग्निहोत्री, आनंदपाल, लव कुमार वर्मा, जेई राजेंद्र सिंह, विपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में इंजीनियर तथा कर्मचारी शामिल रहे। इस बीच आंदोलनकारी कर्मचारियों ने टीमें भी बनाई हैं। इन टीमों ने बिजली विभाग के विभिन्न कार्यालयों में जाकर अपनी बात कर्मचारियों के साथ रखी और कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन में साथ आने के लिए आमंत्रित किया।
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जिलाधिकारी ने बताया था कि पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर के राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव का फोन उनके पास आ चुका है और इसी वजह से जिले भर के सभी अधिकारियों और कर्मियों को सजग और सतर्क कर दिया गया है। हड़ताल करना बिजली कर्मियों का हक है। लेकिन किसी भी तरह से पावर सप्लाई बाधित ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए और इसीलिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात कर दी गई है।

