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Etawah News: चर्चित माफिया 50हजार रू0 के इनामी वांछित अभियुक्त की 06 करोड की अचल सम्पत्ति हुई जब्त

संवाददाता दिलीप कुमार

इटावा: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री आकाश तोमर द्वारा अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम हेतु अपराधियों के विरूद्व निरोधात्मक कार्यवाही हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में राजस्व व इटावा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उ0प्र0 गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप कारित करके सम्पति अर्जित करने वाले माफिया 50हजार रूपये के इनामी वांछित शातिर अभियुक्त की 06 करोड रूपये की अचल संपत्ति को जब्त किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा के निर्देशानुसार अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही करने हेतु दिये गये निर्देंशो के क्रम में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली द्वारा गिरोह बनाकर फर्जी तरीके से समाज विरोधी कार्य कर धन एवं सम्पत्ति अर्जित करने वाले अभियुक्त अनीस उर्फ पाशू के विरूद्व नियमानुसार कार्यवाही करते हुए थाना कोतवाली पर यूपी गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया था। जिसके तहत अभियुक्त के विरूद्व गैगस्टर एक्ट की घारा 14(1)की कार्यवाही हेतु रिपोर्ट प्रेषित की गयी थी तथा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे।

जिसके क्रम के जिलाधिकारी इटावा द्वारा दिनांक 16.12.2020 को उक्त अभियुक्त की संपत्ति को जब्त करने के आदेश निर्गत किये गये थे तथा अभियुक्त अन्य प्रकरण में भी वांछित अभियुक्त है जिसकी गिरफ्तार हेतु पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा पूर्व में 25000रू0 को ईनामी घोषित किया गया था तथा पुलिस महानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र कानपुर द्वारा भी अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु 50000रू0 का ईनाम घोषित किया गया है तथा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु भी पुलिस टीम प्रयासरत है। जिलाधिकारी इटावा के आदेश के अनुपालन के क्रम में आज दिनांक 21.12.2020 को क्षेत्राधिकारी नगर, तहसीलदार सदर व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मय टीम द्वारा अपराधी की सम्पत्ति को चस्पा किया गया तथा अपराधी की अचल सम्पत्ति (जब्तीकरण) की कार्यवाही प्रचार प्रसार करके व जब्तीकरण का बोर्ड लगाकर विधिवत की गयी। उक्त जब्त सम्पत्ति अपराधी द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गयी थी। अभियुक्त अनीस उर्फ पाशू प्रदेश के चर्चित भूमाफिया गिरोह का शातिर अपराधी है जिसके विरूद्व विभिन्न थानों पर संगीन धाराओं में 45 अभियोग पंजीकृत है। जिनमें से कई प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त को सजा भी सुनाई गयी है परन्तु कतिपय कारणों से उक्त आदेशों की फाइलें भी जिला न्यायालय से चोरी हो गयी है जिनके सम्बन्ध में भी जांच की जा रही है।