संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बगहा क्षेत्र के पटेरहवा एवं राहुआ नाला के रास्ते बाढ़ का पानी चकदहवा गांव में प्रवेश करने लगा है। इससे गांव का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गांव की कई गलियों और संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

सबसे अधिक परेशानी चकदहवा-राहुआ मुख्य मार्ग पर हो रही है, जहां कमर तक पानी बह रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कुछ दिन पूर्व इसी मार्ग पर तेज बहाव के बीच सड़क पार करने के दौरान एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद अब तक सुरक्षित आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
बाढ़ के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सड़क पर पानी भरे रहने से बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के कार्यों के लिए भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पटेरहवा और राहुआ नाला आगे चलकर गंडक नदी में मिलते हैं। जैसे ही गंडक नदी का जलस्तर बढ़ता है, नदी का पानी नालों के रास्ते वापस गांवों की ओर आने लगता है। इसके कारण नदी किनारे बसे चकदहवा सहित आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
चकदहवा निवासी एवं पूर्व बीडीसी गुलाब अंसारी ने बताया कि गांव के लोग कई दिनों से जलजमाव और बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क पर तेज जलप्रवाह के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।