संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
दयालपुर, वैशाली।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर ब्रज मोहन दास (बीएमडी) महाविद्यालय, दयालपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में “बढ़ती हुई जनसंख्या: अवसर या समस्या” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने की, जबकि मंच संचालन प्रो. रवि रंजन कुमार ने किया।

संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या देश के सामने अनेक आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं, जबकि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे संसाधनों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि से स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य बुनियादी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे जनसंख्या नियंत्रण के महत्व को समझें और शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि जनसंख्या को समस्या नहीं बल्कि मानव संसाधन के रूप में विकसित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नैतिक मूल्यों, जिम्मेदार नागरिकता और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप जीवनशैली अपनाना भी आवश्यक है। पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जनसंख्या नियंत्रण समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
इस अवसर पर प्रो. सुभाष कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पुष्पा कुमारी ने किया।
संगोष्ठी में छात्र सचिन कुमार सिंह, शिवम कुमार, छात्रा रोशनी कुमारी, मेघा कुमारी एवं पूजा सिंह ने भी विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।