संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिमी चंपारण।
बेतिया राज की भूमि पर विभिन्न विभागों एवं संस्थानों द्वारा सरकारी परियोजनाओं को स्थापित करने हेतु मानकों का निर्धारण एवं उनकी आवश्यकताओं की समीक्षा तथा इनपुट प्राप्त करने के लिए आज जिलास्तर पर सभी विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ समाहरणालय सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस सेमिनार में बेतिया राज की भूमि के बेहतर प्रबंधन एवं संरक्षण हेतु एनआईयूए (NIUA-नेशनल इंस्च्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स) नई दिल्ली के द्वारा तैयार किये जा रहे प्रोजेक्ट पर मंतव्य/सुझाव प्राप्त किये गए।
बेतिया राज की भूमि एवं परिसम्पतियों से संबंधित मंतव्य/सुझाव को लेकर सेमिनार में बेतिया राज की भूमि एवं परिसम्पतियों का संरक्षण और प्रबंधन, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण, भूमि एवं परिसम्पतियों के विकास और उपयोग के लिए सुझाव आदि बिंदुओं पर चर्चा की गई।
सेमिनार में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए, जिससे बेतिया राज की भूमि एवं परिसम्पतियों के संरक्षण और विकास के लिए एक प्रभावी योजना बनाई जा सके।
अब बेतिया राज की भूमि एवं परिसम्पतियों का कुशल प्रबंधन होगा। बेतिया राज की जमीन का बेहतर मास्टर प्लान तैयार होगा, जिससे अस्पताल, विद्यालय, उद्योग, पुलिस थाना आदि अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण हो सकेगा और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
एनआईयूए (NIUA-नेशनल इंस्च्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स) नई दिल्ली, राजस्व पर्षद, बिहार से मिलकर बेतिया राज की भूमि एवं परिसम्पतियों का सही उपयोग करेगा। जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समेकित मास्टर प्लान तैयार होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन को अमली जामा पहनाया जाएगा। इस हेतु अगले 100 दिनों में राज्यस्तर से लेकर जिलास्तर तक चार अलग अलग बैठक आयोजित किये जायेंगे।
एनआईयूए (NIUA-नेशनल इंस्च्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स) नई दिल्ली द्वारा पीपीटी प्रस्तुत किया गया और कार्य योजना से पदाधिकारियों को अवगत कराया गया।
चैतन्य प्रसाद, अध्यक्ष, राजस्व पर्षद, बिहार ने सेमिनार को संबिधित करते हुए कहा कि बेतिया राज का समृद्धशाली, गौरवशाली इतिहास रहा है। कई बार बेतिया राज की जमीन का सर्वे कराया गया है। सर्वे के उपरांत बिहार एवं उत्तरप्रदेश राज्य में बेतिया राज की लगभग 25 हजार एकड़ भूमि है। ज्ञातव्य हो कि नवम्बर 2024 में राज्य सरकार ने एक अधिनियम बना कर बेतिया राज की सभी परिसंपत्तियों को राज्य सरकार में निहित कर चुकी है एवं इससे संबंधित नियमावली का निर्माण अभी प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने कहा कि बेतिया राज की भूमि पर आधारभूत संरचनाओं के निर्माण हेतु कई विभागों के रिक्वायरमेंट आ रहे हैं। सभी रिक्वायरमेंट के आधार पर समेकित रूप से एक मास्टर प्लान तैयार किया जाना है। मास्टर प्लान के निमित आज यह सेमिनार आयोजित की गई है।
सेमिनार को गिरिवर दयाल सिंह, सचिव, राजस्व पर्षद, बिहार तथा जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री धर्मेन्द्र कुमार ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बेतिया, डॉ0 शौर्य सुमन, पुलिस अधीक्षक, बगहा, सुशांत कुमार सरोज, व्यवस्थापक, बेतिया राज, अनिल कुमार सिन्हा, नगर आयुक्त, नगर निगम बेतिया, लक्ष्मण तिवारी सहित सभी संबंधित जिलास्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित थे।