Breaking Newsबिहार: बेतिया

Bihar News संविधान दिवस के उपलक्ष्य में प्रबुद्ध जनों के द्वारा गोष्ठी का आयोजन

 

संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

नगर के जिला परिषद सभागार मे संविधान दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

प्रबुद्ध भारती के राष्ट्रीय संरक्षक एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय कश्यप ने संविधान का निर्माण करने वाले डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए, संविधान के प्रस्तावना का पाठन कराया, तत्पश्चात उन्होंने संविधान दिवस के उपलक्ष पर प्रदेशवासियों को बधाई दी एवं उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, छात्रों, कार्यकर्ताओं को संविधान की शपथ भी दिलाई।Bihar News संविधान दिवस के उपलक्ष्य में प्रबुद्ध जनों के द्वारा गोष्ठी का आयोजन

विजय कश्यप ने कहा कि आजादी के बाद भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने और भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोकर रखने के लिए एक मजबूत आधार की जरूरत थी, जिसे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने पूरा किया एवं भारत की आजादी के बाद नागरिकों और देश को आगे ले जाने के लिए एक सशक्त दस्तावेज के रूप में 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था”। संविधान दिवस के अवसर पर हमें न सिर्फ स्वतंत्र भारत का नागरिक होने का अहसास होता है बल्कि संविधान में उल्लिखित मौलिक अधिकारों से हमें अपना हक मिलता है और साथ ही लिखित मूल कर्तव्यों से हमें नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त एडीजे सगीर आलम ने कहा कि वो संविधान ही है जिसने सभी को समानता का अधिकार दिया और हमारे अधिकारों की रक्षा भी करता है । इस कड़ी में हमारे देश के लोकतंत्र को हमारा संविधान ही मजबूती से थामे हुए है और हम सभी को इस संविधान की रक्षा करनी चाहिए। भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक एवं संस्था संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों का पालन करते हुए देश ने विभिन्न क्षेत्रों में जो भी प्रकट की है उसमें देश की संविधान सभा की उन प्रतिमाओं का अमूल्य योगदान रहा है जिन्होंने अपना सर्वोच्च श्रम एवं समय देकर 2 वर्ष 11 माह एवं 18 दिनों के अथक प्रयास से भारतीय संविधान के रूप में अमूल्य धरोहर अंतिम रूप में राष्ट्र के समक्ष 26 नवंबर 1949 को प्रस्तुत किया।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने कहा संविधान सभा की अनेकों मूर्धन्य प्रतिमाओं के बीच भारत रत्न साहब भीमराव अंबेडकर का एक विशेष स्थान है, जिन्हें भारत के संविधान शिल्पी के नाम से भी जाना जाता है। अपने वक्तव्य में बताया कि संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों एवं गरिमा की जीत सीढ़ी से चलकर हमारा समाज उन्नति के अनेकों चित्रों को छू रहा है। उस संविधान के प्रति समर्पण एवं संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर विकास समिति ने समान विचारधारा वाले सामाजिक संगठनों के सहयोग एवं समन्वय से संविधान दिवस एवं गोष्टी मनाई जा रही है। मंच का संचालन राजदेव प्रसाद और प्रोग्राम के संयोजक पत्रकार डॉ. अमानुल हक ने किया।Bihar News संविधान दिवस के उपलक्ष्य में प्रबुद्ध जनों के द्वारा गोष्ठी का आयोजन

इस गोष्ठी कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षाविद मुख्य वक्ता मोहम्मद दानिश ने कहा किसी भी देश की शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता होती है. क्योंकि संविधान के बिना शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित नहीं किया जा सकता। बौद्ध सोसायटी ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष चंद्रिका राम अपने संबोधन में कहा भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है।भारत के संविधान में मौलिक अधिकारों और और कर्तव्यों को भी सुनिश्चित करता है। इस संगोष्ठी कार्यक्रम मे महिलाओं के सम्मान बढ़ाने में नगर निगम महापौर प्रत्याशी गीता कश्यप उपस्थित रही। कार्यक्रम में उपस्थित जावेद आलम एडीजे , एमजेके कॉलेज बेतिया के प्राचार्य आर. के चौधरी, प्रोफेसर जफर इमाम कादरी, , सुरैया साहब , प्रोफेसर शमशुल हक , प्रोफेसर जफर इमाम, कलाम जोहरी , मोहमद आलमगीर हुसैन , तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ अमानुल हक वरिष्ठ पत्रकार थे और उन्होंने अपना संविधान पर विचार रखा जो कबीले तारीफ था।

Related Articles

Back to top button
जनवाद टाइम्स
%d bloggers like this: