संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
नेपाल में अपहृत युवती के हत्या का मामला ठंढा होने का नाम नहीं ले रहा है । बतादें की दस दिन पूर्व हुई अपहृत युवती का शव बरामद के बाद लोगो का आक्रोश सड़को पर फुट पड़ा है । शव को सड़क के बीच रख ग्रामीणों के द्वारा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है । इस प्रदर्शन की वजह से नारायनगढ बुटवल मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है।

बताते चले कि 10 दिन पूर्व चितवन के ब्रह्मस्थान सामुदायिक वन क्षेत्र से एक युवती का शव बरामद किया गया था। जिसकी पहचान राप्ती नगरपालिका के वार्ड नं 3 प्रगतिपुर की निवासी सुजीता भंडारी के रूप में हूई थी। ज्ञात हो सुजीता की दस दिन पूर्व 25 अगस्त को सहेली के घर जाने के क्रम में अगवा कर लिया गया था। जिसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दे दी गई थी। परिजन अपने स्तर से सुजीता भंडारी की तलाश कर रहे थे। 10 दिन के बाद चितवन स्थित सामुदायिक वन क्षेत्र से अपहृत युवती का शव बरामद किया गया, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों का पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा। बतादें कि मृतिका के शव को एंबुलेंस में लादकर पोस्टमार्टम के लिए ले जायाजा रहा था की इसी दौरान प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रोक कर मृतिका के शव को बाहर निकालकर बिच सड़क पर रख दिया और पुलिस परशाशन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

मृतिका की माता अंबिका भंडारी ने बताया कि घटाना के दिन वो अपनी खेत में धान की रोपनी के लिए गई थी। मेरी बड़ी बेटी के द्वारा घटना की जानकारी मिली। इस घटना को लेकर पुलिस के प्रति जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होने कहा कि जब तक हत्यारों को सजा नही मिलेगी तब तक मेरी बेटी के आत्मा को शांति नही मिलेगी। वहीं चितवन जिलाअधिकारी प्रेमलाल लामिछने, चितवन एसपी ओम प्रसाद अधिकारी एवम राप्ती नगरपालिका के मेयर प्रभा बराल ने प्रदर्शनकारीयो को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा,उन्होंने आगे बताया कि मृतिका के परिजनों को मुवावजा की राशि दिलाने के लिए सरकार से अनुसंधान की जाएगी।.