संवाददाता राजेन्द्र कुमार
वैशाली /लालगंज
रामबाबू सिंह के पहली पत्नी मीना देवी एवं उनके बेटा बेटी को संपत्ति से बेदखल करने के काम को गलत ठहराया, और मीना देवी इनके पुत्र नीतीश कुमार और पुत्री वेवी कुमारी को घर में प्रवेश दिलाया।
हजारों की संख्या में जुटे महिला पुरुष पंचों ने राम बाबू सिंह द्वारा दूसरी पत्नी जो कानूनन रखैल होती है को लिखे गए जमीन को अवैध ठहराया और उस दस्तावेज को रद्द करने की मांग जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से किया। विदित हो कि खरौना के रामबाबू सिंह ने पहली पत्नी मीना देवी, उससे पैदा एक पुत्र नीतीश कुमार और पुत्री वेवी कुमारी के रहते सुजाता देवी से दूसरी शादी कर ली। सुजाता देवी से भी दो पुत्र लक्ष्मण कुमार एवं रमाकांत कुमार पैदा लिए। रामबाबू सिंह ने दूसरी पत्नी सुजाता देवी एवं उनके लड़कों लक्ष्मण कुमार और रमाकांत कुमार के साथ मिलकर पहली पत्नी मीना देवी और उनके बेटे बेटियों को घर से निकाल दिया था, और दूसरी पत्नी सुजाता देवी के नाम से एक बीघा से ज्यादा जमीन लिख दिया था। मीना देवी एवं उनके पुत्री की मर्यादा भंग करने की भी कोशिश उन लोगों के द्वारा की गई थी। जिसे देखकर स्थानीय ग्रामीणों से रहा नहीं गया और भाकपा माले तथा इससे सम्बद्ध ऐपवा के सौजन्य से डुग डुगी पीटकर महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें हजारों महिला पुरुषों में भाग लिया। यह पहली बार है की हजारों की संख्या में महिलाएं भी महा पंचायत का हिस्सा बनी है।

पूर्व सूचना के बावजूद रामबाबू सिंह अनुपस्थित रहे। लेकिन उनकी दूसरी पत्नी सुजाता देवी, दोनों पुत्र लक्ष्मण कुमार और रमाकांत कुमार मौजूद थे। इस महापंचायत को रामबाबू सिंह की पुत्री वेवी कुमारी, भाकपा-माले प्रखंड सचिव राम पारस भारती, ऐपवा जिला सचिव प्रेमा देवी, माले लोकल कमेटी सचिव भिखारी प्रसाद सिंह, प्रखंड कमेटी सदस्य नटवरलाल सिंह, प्रमिला देवी, किरण देवी, फूल कुमारी देवी, सविता देवी, हरिंदर राम, किरण देवी, शिव कालो देवी, पार्टी के नेता सुरेंद्र राम, नरेश राय, ऐपवा नेत्री साधना सुमन, संगीता राय, संजू देवी, राजमती देवी, रानी देवी, उषा देवी, अर्चना देवी, रूबी देवी, उर्मिला देवी, रेणु देवी, अनीता देवी, के अतिरिक्त सैकड़ो ग्रामीणों और अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव गोपाल पासवान ने संबोधित किया और मीना देवी को न्याय दिलाने के लिए अनवरत आंदोलन चलाने का संकल्प लिया।