Bihar news घातक विष से समस्त संसार की रक्षा के लिए अपने कण्ठ में धारण कर महादेव बने भगवान शिव:गरिमा

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संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

बरवत सेना के शिव मंदिर में सावन की दूसरी सोमवारी के दिन समारोह पूर्वक जलाभिषेक पूजन का आयोजन किया गया। नगर निगम गरिमा देवी सिकारिया के नेतृत्व में सर्व प्रथम कठैया नहर पुल के समीप एक हजार से भी अधिक महिलाओं के द्वारा जल बोझी की गयी। इसके बाद निर्जला रहीं सैकड़ों महिलाओं ने बरवत सेना के शिव मंदिर में जलाभिषेक और सावन के सोमवारी की विशेष पूजा की। इस मौके पर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि सावन के महीने में ही माता पार्वती की तपस्या से महादेव शिव प्रसन्न होकर प्रकट हुए थे और उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद ही माता पार्वती जी का शिव जी के साथ विवाह हुआ। तब से ये पूरा माह शिव जी और माता पार्वती दोनों का प्रिय माह बन गया। नगर निगम की निवर्त्तमान सभापति ने बताया कि समुद्र मंथन के बाद निकले घातक विष को समस्त जगत की रक्षा के लिए शिवजी ने अपने कण्ठ में धारण कर लिया था, उसी कारण देवाधिदेव भगवान शिव को महादेव देवताओं ने ही महादेव की उपाधि दी। भगवान शिव की इस विशेष पूजा व जलबोझि के आयोजन में धनंजय पासवान, सुरेश महतो, कौशल प्रसाद, पिंकु महतो, लव प्रसाद, लड्डु कुमार, पन्नालाल प्रसाद,संतोष महतो इत्यादि की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

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