संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
बिहार सरकार ने पूरे प्रदेश में इमर्जेंसी सेवा के लिए काॅल 112 को सक्रिय करते हुए बिहार पुलिस को बड़ी जिम्मेदारी प्रदान की है। जिसको लेकर पुलिस महानिदेशक ने पूर्व में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी भी प्रदेश को दिया है। जिसको लेकर बिहार के सभी जिलों में तैयारी शुरू की जा चुकी है और इसको सक्रिय बनाने के लिए उच्च अधिकारियों के द्वारा टेस्ट रन का माॅक ड्रील भी किया जा रहा है। जिसमें यह अभ्यास किया जा रहा है कि किसी स्थान से कोई पीड़ित जब फोन करता है तो कैसे निकटतम जीपीएस के तहत काॅल 112 की इमर्जेंसी सेवा उस तक बिना किसी देर के कैसे पहुंच जाए और उसकी समस्याओं को देखते हुए कैसे उसका निराकरण अपने स्तर या संबंधित स्थानीय थाना के द्वारा करवाया जाए। साथ ही काॅल 112 पर किसी बड़े घटना की सूचना मिलते ही पार्लर लाइन में संबंधित थाना के थानाध्यक्ष को भी कैसे दूसरे लाइन पर काॅल जोड़ा जाए ताकि काॅल 112 के साथ ही साथ थाना भी तत्काल मौके पर पहुंच सकें।
उक्त रन टेस्ट के लिए चम्पारण प्रक्षेत्र के डीआईजी प्रणव कुमार प्रवीण के द्वारा भी पुलिस लाइन में माॅक ड्रील अपने नेतृत्व में कराया गया। जिसमें एसपी बेतिया उपेन्द्र नाथ वर्मा भी उनके साथ उपस्थित रहें। अभ्यास के दरम्यान पुलिस लाइन के बाहर से एक काॅल 112 पर अपनी समस्या को लेकर एक पुलिस के द्वारा फोन किया गया। जिसके उपरांत काॅल के मद्देनजर जीपीएस सिस्टम से नजदीकी काॅल 112 गाड़ी को फोन लाइन पर लेकर सूचना अग्रसारित की गई। जिस गाड़ी को सूचना दी गई उस गाड़ी में स्वयं डीआईजी व एसपी बैठे थे और उस सूचना के आलोक में त्वरित कार्यवाही करते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। इस दरम्यान सूचना मिलते ही पार्लर लाइन पर काॅल 112 और थाना के नम्बर पर भी सूचना का आदान प्रदान किया गया। जिसमें गाड़ी में लगे सिस्टम कैसे कार्य कर रहे हैं उसकी भी पूर्ण रन टेस्ट के दरम्यान समीक्षा की गई।
डीआईजी और एसपी के नेतृत्व में हुए रन टेस्ट काॅल 112 का सफल कार्यवाही से बेतिया पुलिस काफी खुश और उत्साहित है और अपनी आशा प्रकट की है कि आने वाले कुछ माहों में बेतिया की जनता को इससे काफी सहयोग पुलिस से प्राप्त होगी। ना सिर्फ अपराध बल्कि किसी भी आपातकालीन घटनाओं में भी काॅल 112 काफी सक्रिय भूमिका निभा सकता है।