संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
पश्चिम चम्पारण के बेतिया मुख्यालय स्थित समाहरणालय के मुख्य द्वार के पास बाबा भीमराव अम्बेडकर की मुर्ति कई वर्षों से स्थापित रही है। सभी ऋतुओं की दंश झेलता बाबा साहब की मुर्ति सिर्फ साफ सफाई तक ही पूर्व के जिलाधिकारी के कार्यकाल में सीमित रही। परन्तु वर्तमान जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने देश को संविधान जैसे अमूल्य कानून प्रदान करने वाले बाबा साहब के जयंती पर देश के लिए एक अनुकरणीय सम्मान दिया है जिसके लिए बाबा साहब को मानने और चाहने वालों में ना सिर्फ खुशी है बल्कि जिलाधिकारी कुंदन कुमार को विशेष धन्यवाद दिया है।
कुछ सप्ताह भर से समाहरणालय के द्वार पर चल रहे सौंदर्यीकरण का कार्य सिर्फ सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं अपितु बाबा साहब के जयंती पर उन्हें सम्मान देने का कार्य जिलाधिकारी के स्तर से किया गया है। मूर्ति के ऊपर सुंदर व आकर्षक शेड और स्टील पाइप व शीशा के घेरे में बाबा साहब की मूर्ति जो वर्षों से खुले आसमान के नीचे हुआ करती थी वो अब जीवंत रूप में प्रतीत होने लगी है। बाबा साहब के मूर्ति के नीचे “आई लव पश्चिम चम्पारण” लिखा हुआ समाहरणालय के साथ बेतिया की भी खुबसूरती बताता नजर आ रहा है।

आज जब देश बाबा साहब की 131 वीं जयंती मना रहा है और जहाँ देश के संविधान और उसके निर्माता पर अपनी आस्था व श्रध्दा रखने वाले डॉ भीम राव अम्बेडकर की मूर्तियों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि के साथ गोष्ठियों का आयोजन कर रहे हैं। उसी जयंती के अवसर पर समाहरणालय द्वार पर नवनिर्मित सौंदर्यीकरण किए गए बाबा साहब के मूर्ति पर चम्पारण प्रक्षेत्र के डीआईजी प्रणव कुमार प्रवीण व जिलाधिकारी कुंदन कुमार के द्वारा बाबा साहब को माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई। मौके पर डीडीसी अनिल कुमार, एडीएम नंदकिशोर साह, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीपीओ सदर मुकुल परिमल पांडेय, बेतिया राज मैनेजर विनोद सिंह के साथ जिले के तमाम अधिकारियों ने भी बाबा साहब को स्मरित कर अपनी पुष्पांजलि और माल्यार्पण किया। वहीं इस दौरान अधिकारियों के साथ शहर के कई गणमान्यों ने भी बाबा साहब को पुष्प अर्पित करते हुए बाबा साहब के बनाए गए संविधान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कड़ी धूप के बीच घंटों चली इस कार्यक्रम की भीड़ और उसके उत्साह देखते बन रही थी।

इस कार्यक्रम का संचालन वायुसेना के भूतपूर्व मिशाइल इंजीनियर विजय कश्यप के द्वारा किया गया। जिनके आह्वान पर बाबा साहब के लिए नारेबाजी भी की गई और बाबा साहब देश को समता प्रदान करने वाला एक महापुरुष के रूप में सदा स्मरण किए जाने की बात कही गई।