संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया / पश्चिमी चंपारण : बेतिया नगर निगम क्षेत्र में स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के तहत हो रहे नाला निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धांधली के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बुडको (बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
महापौर ने बताया कि करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस महत्वपूर्ण योजना में संवेदक द्वारा निर्माण कार्य में मनमानी की जा रही है, लेकिन बुडको प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा पैमाइश और ग्राउंड मार्किंग के बावजूद नाले का निर्माण निर्धारित सीमा से ढाई से तीन फीट अंदर किया जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि का सही उपयोग नहीं हो पा रहा।
महापौर सिकारिया के अनुसार, यह अनियमितता पिछले कई महीनों से जारी है और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि बुडको के जेई और साइट इंचार्ज पप्पू कुमार ने भी स्वीकार किया है कि परियोजना निदेशक के बार-बार बदलने के कारण संवेदकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज एवं ड्रेनेज निर्माण की जिम्मेदारी बुडको को सौंपी गई है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
महापौर ने बताया कि जमादार टोला मध्य विद्यालय से एनएच-727 तक जाने वाली 70-72 फीट चौड़ी सड़क, जो भविष्य में डबल लेन के रूप में विकसित होनी है, वहां भी गलत तरीके से नाले का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह कलेक्ट्रेट चौक से स्टेशन चौक तक के मुख्य मार्ग पर भी चार फीट से अधिक सरकारी जमीन छोड़कर निर्माण कार्य किया गया है, जिससे सड़क संकरी हो रही है और आने वाले समय में जाम की समस्या बढ़ सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही और गलत निर्माण से न केवल सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। महापौर ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।