मोहन सिंह | स्थान: बेतिया/पश्चिमी चंपारण
महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा संचालित समाहरणालय परिसर स्थित पालना घर का जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) श्रीमती कविता रानी ने आज औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीपीओ ने बच्चों की देखभाल, भोजन की गुणवत्ता और परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया।

डीपीओ ने पालना घर प्रभारी कृष्णावती देवी को निर्देश दिया कि बच्चों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करें। उन्होंने कहा कि समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा, “ये बच्चे हम सबकी जिम्मेदारी हैं। पालना घर में बच्चों की देखभाल उसी ममता और जिम्मेदारी से होनी चाहिए जैसे हम अपने बच्चों की करते हैं। उनके स्वास्थ्य, भोजन और सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।”
डीपीओ ने स्वच्छता को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिशु कक्ष, रसोई और पूरे परिसर की रोजाना सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
गौरतलब है कि पालना घर में बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षित सेविकाएं बच्चों की देखभाल करती हैं और समय पर पौष्टिक आहार, दूध और फल उपलब्ध कराती हैं।
एक महिला कर्मचारी ने बताया कि पहले ऑफिस समय में बच्चों की देखभाल को लेकर परेशानी होती थी, लेकिन पालना घर शुरू होने के बाद अब महिलाएं निश्चिंत होकर कार्यालय कार्य कर पा रही हैं।