संवाददाता: पंकज कुमार
स्थान: आलापुर, अम्बेडकरनगर (उत्तर प्रदेश)
अम्बेडकरनगर। जिले के विकास खंड जहांगीरगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात कंप्यूटर डाटा ऑपरेटर पर लगे गंभीर आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत भेजते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता सुरेश (निवासी राजेसुल्तानपुर) ने आरोप लगाया है कि कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कथित निरीक्षण करते हैं और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी पिछले चार वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है।
आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवाए जाते हैं और अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, जिससे आम जनता में नाराजगी है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी या “छोटा डिप्टी CMO” बताकर राजेसुल्तानपुर, पदुमपुर, गढ़वल चौराहा, सिंघलपट्टी, साबितपुर, कम्हरिया घाट, देवरिया, गिरैया बाजार और जहांगीरगंज क्षेत्र के निजी क्लीनिकों एवं मेडिकल स्टोरों का कथित निरीक्षण करते हैं। आरोप है कि क्लीनिक संचालकों पर दबाव बनाकर उन्हें सिस्टम में आने को कहा जाता है, अन्यथा क्लीनिक सीज कराने की धमकी दी जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी दबाव का फायदा उठाकर अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा के प्रयोग के भी आरोप लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने CHC में किसी अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर की तैनाती की मांग की है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने या स्थानांतरित करने तथा दोष सिद्ध होने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया और संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और स्वास्थ्य विभाग की छवि को धूमिल करने वाली गतिविधियों पर रोक लगेगी।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।