संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
जैतपुर: परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक शिक्षिकाओं की दबंगई कम होती नजर नहीं आ रही है।शिक्षक शिक्षिकाओं के विद्यालयों से अनुपस्थित रहने और विद्यालय में ताले लटके होने की खबरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद ग्राम प्रधान ने अपनी पंचायत के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो विद्यालय की स्थिति देखकर वह आश्चर्यचकित रह गए।
विद्यालय की शिक्षिका पाँच दिन से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रही थीं और स्टाफ से पूछे जाने पर वह ग्राम प्रधान को गुमराह करते नजर आए। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैतपुर कलां के प्रधान राकेश कुमार 9 सितंबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी ग्राम पंचायत के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जैतपुर कला पर पहुंचे तो वहां अध्यापको की उपस्थिति कम मिलने पर उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से उपस्थिति रजिस्टर को मांगा।
ग्राम प्रधान के मुताबिक दबंग शिक्षकों ने उन्हें हड़काते हुए कहा कि यह सब देखने और पूछने का उनको कोई अधिकार नहीं है जो भी कर्मचारी गैरहाजिर या छुट्टी पर रहता है उसका बेसिक शिक्षा अधिकारी आगरा को महीनेदारी के हिसाब से पैसा दिया जाता है और आप सब को इस से कोई वास्ता नहीं रखना चाहिए। जब उन्होंने किसी प्रकार उपस्थिति रजिस्टर को देखा तो उपस्थिति रजिस्टर को देख कर वह दंग रह गए विद्यालय की शिक्षिका प्रीति बिना किसी सूचना और कारण बताए 4 सितंबर से गैरहाजिर चल रही थीं।वही विद्यालय के सहायक अध्यापक यशवेंद्र ने जल्दबाजी में आने के कॉलम में सिग्नेचर करने की जगह जाने के कॉलम में साइन कर रखे थे। जब ग्राम प्रधान ने कारण पूछा तो वह भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। विद्यालयों में ताले लटके होने और शिक्षक शिक्षिकाओं के अनुपस्थिति रहने की यह कोई नई बात नहीं है।परिषदीय विद्यालयों के दबंग शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यालयों में ताले लटका कर घर बैठे ही विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से अपनी उपस्थिति पूरी दर्शा कर घर बैठे ही अपनी पगार ले रहे हैं।