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Agra News: झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से अधेड़ की मौत परिवार में मचा कोहराम

संवाददाता सुशील चंद्रा
आगरा जिला के कस्बा जरार में आज दोपहर एक झोलाछाप के इलाज से एक व्यक्ति की मौत का मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कई व्यापक संसाधन उपलब्ध करा रही है और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने की पूरी कवायद कर रही है लेकिन फिर भी क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर अपना जाल बिछाए बैठे हैं और तरह-तरह के प्राइवेट अस्पतालों के नाम पर अपनी दुकानें सजाए बैठे हैं इन झोलाछापों के अस्पतालों पर योग्यता के नाम पर बड़े बड़े डॉक्टरों के नाम और डिग्रियाँ लिखी हुई हैं जबकि इलाज इनके गुर्गों द्वारा किया जा रहा है। झोलाछाप डॉक्टर रुपये कमाने की खातिर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं।ये झोलाछाप इलाज कराने आने वाले मरीजों से जमकर रुपये ऐंठते हैं और तरह-तरह के प्रयोग मरीजों पर करते हैं। कई बार प्रयोग करने पर मरीज को अपनी कुर्बानी भी देनी पड़ती है।

ऐसा ही एक मामला जनपद आगरा की कोतवाली बाह क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा जरार में आज प्रकाश में आया है जहां एक झोलाछाप डॉक्टर ने मरीज की एक बार फिर जान ले ली।प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चीलाल पुत्र मुन्नीलाल उम्र 50 वर्ष निवासी बिजौली पेशे से एक एक सब्जी विक्रेता था जो कि रेडी लगाकर सब्जी बेचता था।दो दिन पहले साँस लेने में तकलीफ होने पर उसने बाह स्वास्थ्य केंद्र पर आकर दवा ली थी लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने पर आज उक्त व्यक्ति के परिजन उसे इलाज के लिए कस्बा जरार के एक कथित डॉक्टर के पास ले गए जहाँ उसकी मौत हो गयी।अधेड़ की मौत के बाद परिजन उसे लेकर बाह स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक की पुत्री सपना ने बताया कि उसके पिता की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी कई डॉक्टरों से दवा ले चुके थे लेकिन स्वास्थ्य सही नहीं हो पा रहा था ऐसे में आज कस्बा जरार में एक डॉक्टर के यहाँ दवा लेने गए थे जहाँ डॉक्टर ने कई इंजेक्शन लगा दिए जिससे पिता की मौत हो गयी।

जब इस सम्बंध में स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक से बात की गयी तो अधीक्षक द्वारा बताया गया कि बच्चू लाल उम्र 50 वर्ष साँस की बीमारी से ग्रसित थे और अपना इलाज कराने के लिए केनरा बैंक जरार के सामने किसी झोलाछाप डॉक्टर पर दवा लेने के लिए गए थे बच्ची लाल की पुत्री का आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें अत्यधिक इंजेक्शन लगाए जिससे बच्ची लाल ने अपना दम तोड़ दिया।स्वास्थ्य विभाग और पुलिस द्वारा कथित झोलाछाप की दुकान को सील कर दिया गया है।देखने वाली बात यह है कि पूर्व में भी झोलाछाप के इलाज से मौतों के मामले प्रकाश में आये हैं लेकिन इन झोलाछापों के कारोबार बंद नहीं हो सके।

स्वास्थ्य विभाग समय समय पर इन झोलाछापों के खिलाफ कार्यवाही करने की बातें करता है लेकिन वास्तविकता इससे इतर नजर आती है जहाँ अवैध अस्पताल और क्लीनिक और पैथोलॉजी झोलाछापों द्वारा धड़ल्ले से संचालित होते नजर आते हैं।