संवाददाता: -राजेन्द्र कुमार
वैशाली /हाजीपुर । आह्वान पर राजापाकर प्रखंड कार्यालय के समक्ष किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने रोष पूर्ण प्रदर्शन कर सभी राजकीय नलकूपों को चालू करने, सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने, जे ई के पास आवेदन करने के 15 दिनों के अंदर मीटर और बिजली कनेक्शन देने, अनुदानित बिजली मोटर पंप सेट सभी आवेदकों को उपलब्ध कराने, किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ करने, स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा के अनुसार धर्म एमएसपी गारंटी कानून बनाकर सरकारी स्तर से फसल खरीद की गारंटी करने, कृषि मंडी व्यवस्था को पुनः चालू करने, की मांगों से संबंधित मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव, जिला अध्यक्ष सुमन कुमार, जिला कमेटी सदस्य महताब राय, राम बहादुर सिंह, आदि किसान नेताओं ने किया। प्रखंड परिसर में आयोजित सभा को उपरोक्त नेताओं के अतिरिक्त अजय राम, योगेंद्र राम, मोहम्मद इदरीश मंसूरी, धर्मेंद्र पासवान, बालेश्वर राय, इंद्र भूषण सिंह, पिंटू राय, मोहम्मद अकबर, आदि नेताओं ने करते हुए, दिल्ली की सीमाओं पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन के साथ भारत सरकार द्वारा किए गए लिखित समझौते को लागू करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि बिहार की डबल इंजन की सरकार विकास का ढिढौड़ा पिटती है, परंतु सरकारी उपेक्षा के कारण कृषि पहले से भी ज्यादा घाटे का सौदा हो गया है। कृषि लागत सामग्रियों पर जीएसटी लगाकर मंहगा कर दिया गया है।

घाटे की खेती का बोझ बटाईदार किसान अपने ऊपर उठाए हुए हैं। लेकिन बटाईदार किसानों का पंजीकरण कर पहचान पत्र नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण कृषि कार्य हेतु मिलने वाली सुविधाएं बटाईदार किसानों को नहीं मिल रही है। नेताओं ने सरकार को चेतावनी दिया, की इन मांगों को यथाशीघ्र पूरा किया जाए अन्यथा और भी बड़े किसान आंदोलन के लिए सरकार तैयार रहे।