Prayagraj News : ‘संगम की रेती’ पर एक ही छत के नीचे ‘आत्मनिर्भर मिनी भारत’ की झलक

Prayagraj News : ‘संगम की रेती’ पर एक ही छत के नीचे ‘आत्मनिर्भर मिनी भारत’ की झलक  
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रिपोर्ट विजय कुमार

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार नेप्रयागराज में चल रहे माघ मेलामें परेड ग्राउंड के जवाहरलाल मार्ग पर लगी ‘आंचलिक स्तरीय खादी प्रदर्शनी’ का शुक्रवार को उद्घघाटन किया। इस अवसर शहर उत्तरी से विधायक श्री हर्षवर्धन वाजपेयी उपस्थित रहे।17 जनवरी से 5 फरवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में 11 राज्यों के करीब 112 स्टाल लगे हैं जिस पर खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है।विगतवर्ष आयोजित राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी में 5.82 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री हुई थी।IMG 20240120 WA0068

उद्घघाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा ही माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग आयोग लगातार खादी उत्पादों को जन-जनतक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में हर वर्ष देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर खादी प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि तीर्थराज प्रयाग की संगम की रेती पर चलनेवाले माघ मेला के अवसर पर श्रद्घालु एवं साधु-संतों तक खादी उत्पाद पहुंचाने के लिए यहां पर आंचलिक स्तरीय खादी प्रदर्शनी-2024 लगाई गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की खादी संस्थाएं, पीएमईजीपी/ आरईजीपी यूनिट, स्फूर्ति इकाइयां खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनी में सूती, ऊनी, ऊनी खादी, सिल्क खादी, पॉली खादी, रेडीमेड वस्त्र, सिल्क साड़ी, लेडीज सलवार सूट एवं मोदी जैकट समेत विभिन्न खादी उत्पाद बिक्री के लिए रखे गये हैं, जबकि ग्रामोद्योगी उत्पादों में आर्गेनिक शहद, हर्बल कॉस्मेटिक आइटम, चर्म निर्मित उत्पाद, शैम्पू, साबुन, पॉटरी के विभिन्न उत्पाद, आचार, आंवला के विभिन्न उत्पाद जैसे-कैंडी, बर्फी, मुरब्बा, आंवला जूस बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

इस अवसर केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमारने कहा कि ‘मोदी सरकार की गारंटी’वाली ‘नये भारत की नयी खादी’ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’को नयी दिशा दी है।पिछले 9 वर्षों में खादी उत्पादों की बिक्री में चार गुना से अधिक की बिक्री ने ग्रामीण भारत के कारीगरों को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकलफॉरलोकल’और ‘आत्मनिर्भर भारत’मंत्र ने खादी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। पिछले 9 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि इस दौरान 9.50 लाख से अधिक नये रोजगार का सृजन हुआ है।Prayagraj News : ‘संगम की रेती’ पर एक ही छत के नीचे ‘आत्मनिर्भर मिनी भारत’ की झलक

उद्घघाटन कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, खादी कार्यकर्ता, पीएमईजीपी और स्फूर्ति योजना से जुड़े उद्यमियों के साथ ही केवीआईसी और मेला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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