Bihar News&दिनांक 19.01.2024 को जिला बाल संरक्षण इकाई, वैशाली के द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में आवासित 5 माह के बच्चे को जिलाधिकारी द्बारा गोद दिया गया

Bihar News&On date 19.01.2024, a 5 month old child residing in the Special Adoption Institute run by District Child Protection Unit, Vaishali was adopted by the District Magistrate.
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संवाददाता-राजेन्द्र कुमार

वैशाली /हाजीपुर । विशेष आवश्यकता वाले बालक को जिलाधिकारी , वैशाली के द्वारा शांगली (महाराष्ट्र ) के दम्पत्ति को दत्तक ग्रहण पूर्व पालक देख रेख (प्रीएडॉप्सन फोस्टर केयर) में दिया गया। बालक लगभग 4 माह पूर्व परित्यक्त अवस्था में पाया गया था। उसके जैविक माता-पिता की खोज करने हेतु समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशन करवाया गया था, परंतु उसके माता-पिता का पता नहीं चल पाया। तत्पश्चात उसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के एडॉप्शन की साइट carings.wcd.gov.in पर पंजीकृत करवा दिया गया।

Bihar News&On date 19.01.2024, a 5 month old child residing in the Special Adoption Institute run by District Child Protection Unit, Vaishali was adopted by the District Magistrate.
बालक को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दत्तक ग्रहण मार्गदर्शिका 2022 के प्रावधानों के आलोक में समस्त प्रक्रिया पूर्ण कर दत्तक ग्रहण हेतु प्रदान किया गया है। महाराष्ट्र के दंपत्ति के द्वारा लगभग 3 वर्ष पूर्व बच्चा गोद लेने हेतु पंजीकरण किया गया था । उनके द्वारा बालक को दत्तक ग्रहण में लेने हेतु सहमति दी गई, जिसके पश्चात आज दत्तक ग्रहण कमिटी की बैठक में दम्पति के द्वारा समर्पित प्रमाण पत्रों एवं दत्तक ग्रहण हेतु उनके अभिरुचि की जांच की गई और उन्हें दत्तक ग्रहण के लिए उपयुक्त पाया गया।

इसके बाद अब जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में कोर्ट ऑर्डर के लिए आवेदन किया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश जारी करने के पश्चात ही दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होगी । जिलाधिकारी महोदय ने बच्चे को उपहार भी प्रदान किए।
बालक के चिकित्सा जांच में उसके ह्रदय में दो छेद पाया गया था, जिसका इलाज इंदिरा गाँधी ह्रदय रोग संस्थान, पी एम सी एच में चल रहा था। बालक के उक्त स्थिति को देखते हुए भी दम्पत्ति ने उक्त बालक को दत्तक ग्रहण हेतु चयन किया। दंपत्ति के पूर्व से दो पुत्रियां हैं। दत्तक ग्रहण नियमावली 2022 के अनुसार दो संतान वाले दम्पत्ति सामान्य बालक के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र नहीं हैं। वे सिर्फ विशेष आवश्यकता वाले बालकों को ही दत्तक ग्रहण कर सकते हैं। उक्त आलोक में दम्पति द्वारा विशेष बालक को गोद लेना एक सराहनीय कदम है। यह विशेष बालकों के प्रति समाज में हो रहे बदलाव को भी दर्शाता है।

Bihar News&On date 19.01.2024, a 5 month old child residing in the Special Adoption Institute run by District Child Protection Unit, Vaishali was adopted by the District Magistrate.
इस अवसर पर सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई वैशाली, बाल संरक्षण पदाधिकारी, दत्तक ग्रहण संस्थान की समन्वयक तथा अन्य कर्मी उपस्थित थे।

जानिए दत्तकग्रहण के क्या नियम हैं-

कोई भी ऐसा दंपत्ति जिसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति सुदृढ़ हो बच्चा गोद लेने के लिए पात्र हो सकता है, यदि उन्होंने कम से कम दो वर्ष का स्थिर वैवाहिक जीवन व्यतीत किया हो तथा दत्तक ग्रहण हेतु दोनों की आपसी सहमती जरुरी है। अलग-अलग उम्र वाले दंपत्ति को अलग – अलग उम्र के बच्चे की पात्रता होती है। बच्चा गोद लेने के लिए केन्द्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण के वेबसाइट carings.wcd.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है । जांचोपरांत बच्चा गोद लेने के पात्र माता -पिता को बच्चा गोद दिया जाता है । एकल पुरूष अभिभावक को केवल लड़का गोद दिया जा सकता है जबकि एकल महिला अभिभावक लड़का एवं लड़की दोनों को गोद ले सकती है। दो संतान वाले दम्पत्ति सामान्य बालक के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र नहीं हैं। वे सिर्फ विशेष आवश्यकता वाले बालकों को ही दत्तक ग्रहण कर सकते हैं। देश में किसी अन्य माध्यम से बच्चा गोद लेना और देना कानूनी अपराध है । दत्तक ग्रहण के इच्छुक दम्पत्ति अविलंब केन्द्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण के वेबसाइट carings.wcd.gov.in पर पंजीकरण कराएं।

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