संवाददाता–राजेन्द्र कुमार
वैशाली/हाजीपुर।वैशाली समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा के द्वारा वैशाली जिला को टीबी मुक्त बनाने का टास्क उपस्थित पदाधिकारी एवं चिकित्सकों को दिया गया।
जिलाधिकारी को बताया गया कि वर्तमान में जिला में टीबी के 4300 मरीज हैं जिन्हें राज्य सरकार की योजना अनुसार निशुल्क दवा एवं ₹500 प्रति माह दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सक सहित प्रखंड के अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सिविल सोसाइटी के लोग टीबी मरीज को गोंद लेकर उनकी समय-समय पर देखभाल करें। गोंद लेने वाले पदाधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि निश्चय मित्र की भूमिका में रहें और उनके लिए अतिरिक्त फूड सप्लीमेंट की व्यवस्था करें। इस पर प्रतिमाह 500 से 600 रू का ब्यय आएगा।
उन्होंने कहा कि आपका प्रयास एक मरीज को टीबी से बाहर निकालकर पूरे जिले को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करेगा। इसके लिए सिविल सर्जन, उप विकास आयुक्त और जिला पंचायत राज पदाधिकारी को इनिशिएटिव लेने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा कहा गया कि अगले एक सप्ताह में सभी टीबी मरीजों को निश्चय मित्र से टैग कर दिया जाए। इसकी समीक्षा पुनः 23.9.2023 को की जाएगी।
इसी बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय कृमि दिवस 22 सितंबर के अवसर पर पूरे जिला में 01 से 19 आयु वर्ग के बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसे एक महा अभियान के रूप में लिया गया है। इस आयु वर्ग के 1936887 बच्चे वैशाली जिला में है, जिन्हें एक दिन में यह दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए जिला के सभी 3588 आंगनबाड़ी केंद्र एवं 2810 विद्यालय( जिसमें 490 निजी विद्यालय भी हैं) को केंद्र बनाया गया है। एल्बेंडाजोल की दवा सभी प्रखंडों को उपलब्ध करा दी गई है जहां से 20.9. 2023 तक सभी सीडीपीओ और बीआरसी को दे दिया जाएगा जिनके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालयों को दवा पहुंचा दी जाएगी। इस दिन कोई बच्चा छूट जाता है तो ड्यू लिस्ट के अनुसार उसे 27 सितंबर को कवर किया जाएगा।
इस पर जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि जीविका और स्थानीय जनप्रतिनिधि को मोबिलाइजर की भूमिका दी जाए। चुकी यह दवा खाली पेट नहीं खानी है इसलिए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में मध्यान भोजन के बाद और निजी विद्यालयों में लंच आवर के बाद यह दवा खिलाई जाए। ज्ञातव में है कि एल्बेंडाजोल का टैबलेट चबाकर खाया जाता है इसे पानी के साथ निगला नहीं जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस महा अभियान की मॉनिटरिंग के लिए माइक्रो प्लान बना लिया जाए और निजी स्कूल के संचालकों के साथ बैठक कर सभी जरूरी जानकारी दे दी जाए।

इस बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा सभी तरह के अस्पतालों (एपीएचसी, पीएचसी, सीएचसी, रेफरल अस्पताल अथवा सदर अस्पताल )को स्वच्छ बनाए रखना, अस्पतालों का रंग रोगन कर देने, सभी जगह चाहरदिवारी निर्माण करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल परिसर में जर्जर भवन, पुराने जर्जर एंबुलेंस, सूखे हुए वृक्ष, जंगल झाड़ नहीं रहना चाहिए।अस्पतालों में सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण तथा लाइटिंग की समुचित व्यवस्था तथा प्रॉपर स्थान पर डस्टबिन रखा हुआ दिखना चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त,सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी,डीपीओ आईसीडीएस, जीविका के पदाधिकारी, डीपीएम स्वास्थ्य सहित सभी एमओआईसी, बीएचएम एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे ।