सुनील पांडे : कार्यकारी संपादक
भारत सरकार द्वारा विगत दिनों पूर्व लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा के संदर्भ में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एक संवाद हुआ था,जिसमें कमोवेश सभी प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन की तिथि को बढ़ाने पर बल दिया है। अतः14 अप्रैल से पूर्व लॉकडाउन कब तक जारी रहेगा इसकी घोषणा केंद्र सरकार ने अभी तक नहीं की है, जितना शीघ्र हो सके केंद्र सरकार को इसकी घोषणा कर देनी चाहिए । यह वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए अत्यंत जरूरी है , ऐसा करने से जो लोग इस मुगालते में हैं की लॉकडाउन अब शायद ना बढ़े अथवा उसमें कुछ ढील दी जाए । वे लोग पूरी तरह से आस्वस्थ हो जाएंगे की लॉकडाउन जरूर बढ़ेगा। आपदा की इस विषम घड़ी में लॉकडाउन बढ़ाना जनहित एवं देशहित दोनों के लिए नितांत जरूरी है। जिन देशों ने अपनी अर्थव्यवस्था को गिरने के डर से लॉकडाउन की प्रक्रिया को लागू नहीं किया उनका इस समय बुरा हाल है। उदाहरण के लिए हम अमेरिका जैसे संपन्न देश को ले सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अर्थव्यवस्था को गिरने के डर से लॉकडाउन की प्रक्रिया को लागू नहीं किया,जबकि अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ,नेशनल सिक्योरिटी
और सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ट्रम्प सरकार को आगाह किया था कि अमेरिका पर इस वैश्विक महामारी का बेहद बुरा असर होगा यदि लॉकडाउन की प्रक्रिया को लागू नहीं किया गया । अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने खुफिया एजेंसियों एवं स्वास्थ्य विभाग की बातों पर ध्यान नहीं दिया , जिसके चलते अमेरिका में कोरोना संक्रमण के चलते मरने वालों की संख्या प्रथम स्थान पर पहुंच गई है।वहां कोरोना संक्रमण के चलते अब तक 5,33,470 लोग इस संक्रमण के शिकार हो चुके हैं ,जिसमें 21,300 लोगों की मौत भी हो चुकी है और 30,523 लोग ठीक भी हुए हैं। जहां तक इस संक्रमण के चलते विश्व में संक्रमित लोगों के संक्रमण का आंकड़ा है वह 17,96,429 के पार पहुंच गया है ,जिसमें 1,10,030 लोगों की मौत भी हो चुकी है और राहत की बात यह है 4,12,102 लोग ठीक भी हुए हैं। भारत में इस संक्रमण से अब तक 9,289 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 332 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,096 लोग ठीक भी हुए हैं। यदि भारत भी अमेरिका की तरह लॉकडाउन की प्रक्रिया को लागू ना करता तो वहां पर भी मौत की संख्या अब तक हजारों के पार पहुँच चुकी होती। जिस तरह वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार वृद्ध हो रही है उससे तो यही लगता है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की प्रक्रिया को लागू करके एक दूरदर्शी एवं विवेकपूर्ण निर्णय लिया इसमें तनिक भी संदेह नहीं है।