Bihar News प्रशांत किशोर का सारण में बयान – बिहार के नेताओं ने बिहार की दुर्दशा ऐसी बना दी है कि हमारे लड़कों को देश में रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ता है और गाली खानी पड़ती है

Bihar News प्रशांत किशोर का सारण में बयान - बिहार के नेताओं ने बिहार की दुर्दशा ऐसी बना दी है कि हमारे लड़कों को देश में रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ता है और गाली खानी पड़ती है
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 संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

जन सुराज पदयात्रा के 174वें दिन की शुरुआत सारण के तरैया पंचायत स्थित जन सुराज पदयात्रा कैंप में सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इसके बाद प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ तरैया पंचायत से पदयात्रा के लिए निकले। आज जन सुराज पदयात्रा पचाभिन्दा, चंचलिया, पचरौर, सरेया रत्नाकर, डेवढी, भुआलपुर, हसनपुरा होते हुए मढ़ौरा नगर पंचायत के चीनी मिल मैदान स्थित जन सुराज पदयात्रा कैंप में रात्रि विश्राम के लिए पहुंची। आज प्रशांत किशोर सारण के अलग-अलग गांवों में पदयात्रा के माध्यम से जनता के बीच गए। उनकी स्थानीय समस्याओं को समझ कर उसका संकलन कर उसके समाधान के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करने की बात कही। दिनभर की पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर 4 आमसभाओं को संबोधित किया और 9 पंचायत के 19 गांवों से गुजरते हुए 17. 8 किमी की पदयात्रा तय की।Bihar News प्रशांत किशोर का सारण में बयान - बिहार के नेताओं ने बिहार की दुर्दशा ऐसी बना दी है कि हमारे लड़कों को देश में रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ता है और गाली खानी पड़ती है

*बिहार के नेताओं ने बिहार की दुर्दशा ऐसी बना दी है कि हमारे लड़कों को देश में रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ता है और गाली खानी पड़ती है: प्रशांत किशोर*Bihar News प्रशांत किशोर का सारण में बयान - बिहार के नेताओं ने बिहार की दुर्दशा ऐसी बना दी है कि हमारे लड़कों को देश में रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ता है और गाली खानी पड़ती है

जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण के तरैया में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आप अगर किसी के झंडे के पीछे जाने की गलती करेंगे तो आपके बच्चों के भविष्य के जिम्मेदार आप खुद होंगे। बिहार के बच्चे बिहार से बाहर जाते हैं, कोई पढ़ने के लिए, कोई मजदूरी के लिए और वहां जिसका मन होता है वो वो बिहार के बच्चों को थप्पड़ मार देता है, जिसका मन होता है वो गाली दे देता है। 1500 साल तक पूरे देश की राजनीति का केंद्र बिंदु रहने वाले बिहार की ये दुर्दशा हो गई है कि हमारी गलती की वजह से हमारे घर के बच्चे पढ़ने के लिए, मजदूरी के लिए और 500 रुपये के लिए भारत की गली- गली में ठोकर खा रहें हैं। बिहार के लोगों को बिहारी कह कर बुलाया जाता है। उनका मतलब होता है बिहारी मतलब बेवकूफ, मूर्ख, अब बिहारी शब्द गाली बन गया है। क्या हम सब मूर्ख हैं? नहीं! यहां के नेताओं ने हम लोगों को मूर्ख बना कर रखा हुआ है।

*वोट दीजिएगा मोदी जी के 56 इंच के सीना और गुजरात में बुलेट ट्रेन के नाम पर तो आपके बच्चों की शिक्षा व्यवस्था कैसे सुधरेगी: प्रशांत किशोर*

जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण के मढ़ौरा में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोग कहते हैं कि नेता हमको ठगते हैं। मैं हर बार उनसे यही कहता हूं कि नेता आपको कभी नहीं ठगता है। नेता आपको 1 बार ठग सकता है, 2 बार ठग सकता है लेकिन अगर कोई 50 बार आपको ठग रहा है तो कुछ गलती तो आपकी भी होगी जिसे आप समझ नहीं पा रहे हैं। आप जिन चीजों पर वोट देते हैं वो कम चाहे ज्यादा वही मिलता है। आप वोट देते हैं जाति पर तो जाति की चर्चा बिहार में हर जगह होती है। आप वोट देते हैं 5 किलो अनाज के नाम पर तो बिहार में भ्रष्टाचार ही सही, एक किलो अनाज की चोरी हो रही है, लेकिन आपको 4 किलो अनाज मिलता तो है। आप वोट देते हैं राम मंदिर के नाम पर तो 30 वर्ष के बाद ही सही लेकिन राम मंदिर बन तो रहा है। आप वोट देते हैं मोदी जी के 56 इंच के सीने को देखकर तो सुबह-शाम आपको टीवी पर मोदी जी का सीना फूलता हुआ दिखता ही है। आप वोट देते है गुजरात में बुलेट ट्रेन देखकर तो गुजरात में एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन बन ही रही है। आप वोट जिस बात के लिए दे रहे हैं, वही आपको मिल रहा है। आप बच्चों की पढ़ाई के नाम पर और रोजगार के नाम पर वोट देते ही नहीं हैं तो बिहार की दशा कैसे सुधरेगी।

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