अम्बेडकर नगर न्यूज पुलिस की शह पर दलित परिवार घर में कैद रहने पर मजबूर

अम्बेडकर नगर न्यूज पुलिस की शह पर दलित परिवार घर में कैद रहने पर मजबूर
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संवाददाता अम्बेडकर नगर

अम्बेडकर नगर जनपद के तहसील क्षेत्र आलापुर अंतर्गत थाना राजेसुल्तानपुर के ग्राम अल्लीपुर बर्जी में गांव के दबंगों ने पुलिस से मिलीभगत कर दीवाल उठाकर दलित का रास्ता रोक दिया विरोध करने गयी दलित महिला शीला देवी और उसकी पुत्री को जमकर पिटाई कर दिया ।

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आपको बता दें कि उपरोक्तत गांव के दबंग रामनरायन वर्मा व उनके परिवार वालों ने दलित की रास्ता दीवाल खड़ी कर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया और जातिसूचक शब्दों की गालियां देते हुए दलित महिला शीला देवी एवं उसके बेटी समेत परिवार के लोगों को मार पीटकर लहुलुहान कर दिया । मामले की शिकायत पीड़िता शीला देवी थानाध्यक्ष राजेसुल्तानपुर से की तो थानाध्यक्ष पीड़िता का रास्ता खुलवाने के बजाय उसे डांट कर थाने से भगा दिया ।

अम्बेडकर नगर न्यूज पुलिस की शह पर दलित परिवार घर में कैद रहने पर मजबूरपीड़िता शीला देवी ग्राम अल्लीपुर बर्जी की दलित एवं गरीब है जिसके पास एक विकलांग बेटी है मजदूरी करके वह अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करती है। पीड़िता ने बताया कि रास्ते के संबंध में पहले भी कई बार दबंग विपक्षी मारपीट कर जबरदस्ती रास्ता बंद करना चाहते थे लेकिन तब प्रशासन ने ऐसा नहीं होने दिया पीड़िता की शिकायत 11-7-2022 के क्रम में पुलिस ने दिनाँक 8/9/22 को विपक्षियों के ऊपर स्थानीय थाने मेंधारा147/323/308/447/504/506 ,3 (2) (va) के तहत 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है फिर भी स्थानीय पुलिस विपक्षियों से प्रभावित होकर उक्त भूमि की विना पैमाईश कराए रास्ते को दबंगों को सह देकर बंद करवा दिया । मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी को लगी तो उन्होंने बताया कि रास्ता अवरूद्ध न हो और दीवाल निर्माण कार्य न कराया जाए फिर भी स्थानीय पुलिस विपक्षियों से इतना प्रभावित थी की उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते हुए दीवाल का निर्माण करा दी।

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दीवाल निर्माण होने से दलित महिला के विरोध करने पर विपक्षियों ने बुरी तरह से दलित महिला को मार पीटकर लहुलुहान कर दिया महिला ने फिर क्षेत्राधिकारी आलापुर का दरवाजा खटखटाया जहाँ उसे सांत्वना तो मिली लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीड़ित परिवार घर में कैद रहने पर मजबूर है घर से निकलने का कोई रास्ता नहीं है किसी तरह दीवाल फाँदकर खेतों की मेड़ से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे हैं लेकिन प्रशासन की नींद नहीं खुल रही है।

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