मेरठ न्यूज: शास्त्रीनगर मेरठ में लूट सहित दोहरे सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश

मेरठ न्यूज: शास्त्रीनगर मेरठ में लूट सहित दोहरे सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश
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संवाददाता: मनीष गुप्ता

मेरठ । वादी नवीन कुमार पुत्र स्वर्गीय रतन सिहं निवासी जी-13/1 शास्त्रीनगर थाना नौचन्दी मेरठ द्वारा थाना नौचन्दी पर तहरीर अज्ञात लोगों द्वारा खुद की माता श्रीमती कौशल उम्र करीब 60 वर्ष व भांजी तमन्ना उम्र करीब 12 वर्ष की गला रेतकर हत्या कर देने व घर से सामान लूटकर ले जाने के सम्बन्ध में थाना नौचन्दी पर मुकदमा पंजीकृत किया गया।

सर्विलांस टीम व थाना नौचन्दी पुलिस द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस, मैनुअल इंटेलिजेंस बयान व पूछताछ व परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं अन्य संकलित किए गए साक्ष्यों के आधार पर हत्या की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए। घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त गण ईशु पुत्र करन सिंह निवासी अम्बेडकर नगर माधवपुरम थाना ब्रहमपुरी मेरठ आदि 04 अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया। फोरेंसिक टीम द्वारा मौके से लिए गए अंगुष्ठछाप भी वास्तविक अंगुष्ठ से मेल खा रहे हैं।

मेरठ न्यूज: शास्त्रीनगर मेरठ में लूट सहित दोहरे सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण ईशु पुत्र करन सिह निवासी अम्बेडकर नगर प्रेमविहार माधवपुरम थाना ब्रहमपुरी मेरठ, विशांत सिहं पुत्र सुखपाल सिह निवासी जी-ब्लाक कुटी शास्त्रीनगर थाना नौचंदी मेरठ मूल निवासी ग्राम बिजौली थाना खरखौदा जिला मेरठ, रिंकू सिहं पुत्र हुकुम सिंह, निवासी जी-ब्लॉक शास्त्री नगर कुटी थाना नौचन्दी, मेरठ, दीपक पुत्र राजेश कुमार निवासी जी- ब्लाक 11/5 थाना नौचंदी मेरठ मूल निवासी मोहल्ला कन्हईयापुरा गढ रोड हापुड थाना हापुड देहात जनपद हापुड।

Meerut News: Double sensational murder case including robbery exposed in Shastrinagar Meerut

अभियुक्त से पूछताछ कर विवरण अभियुक्त ईशू पुत्र करन सिंह निवासी मोहल्ला अम्बेड़कर नगर प्रेम विहार माधवपुरम थाना ब्रहमपुरी, मेरठ ने पूछताछ में बताया कि वर्ष-2018 में मैंने स्नेहा पुत्री रतन सिंह, निवासी मकान नंबर 13/01 जी-ब्लॉक शास्त्रीनगर थाना नौचन्दी, मेरठ से शादी की थी। स्नेहा की यह दूसरी शादी थी। क्योंकि स्नेहा के पहले पति की मृत्यु हो गई थी। स्नेहा के पहले पति से स्नेहा को एक बेटी ही थी परन्तु जब स्नेहा ने मुझसे शादी की थी तो मैंने व स्नेहा ने यह बात अपने परिवार वालो व रिश्तेदारों को नही बताई मेरे परिवार वालो व रिश्तेदारो को आज तक भी यह जानकारी नही है कि स्नेहा की पहले पति से भी कोई संतान है ।

स्नेहा की यह बेटी तमन्ना उर्फ कुट्टू अपनी नानी के पास शास्त्रीनगर में ही रहती थी । स्नेहा के पहले पति के हिस्से की सम्पत्ति भी स्नेहा के पिता ने तमन्ना के नाम करा दी थी तथा अपने मरने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी मकान व पैसे तमन्ना के नाम करा दिये थे ।

तमन्ना छोटेपन से ही अपने नाना-नानी के साथ रह रही थी, जिसके कारण उसका लगाव उन्हीं से अधिक था तथा वह उन्हीं को मम्मी-पापा कहती थी । मेरी भी एक 08 माह की बेटी है, परन्तु स्नेहा का ध्यान हमेशा अपनी पहली बेटी तमन्ना उर्फ कुट्टू की तरफ ही रहता था और वह उसी से लगाव के कारण निरन्तर शास्त्रीनगर आती-जाती रहती थी तथा अपनी छोटी बच्ची पर कम ध्यान देती थी । मुझे यह बात अंदर ही अंदर खलती रहती थी ।

मैंने अपने ससुर के मरने के अगले दिन ही अपने साथी रिंकू से इस सम्बन्ध में बात की तो रिंकू ने कहा कि दीपक व विशान्त से बातकर कोई योजना बनाते है और फिर हम चारों ने मिलकर तमन्ना उर्फ कुट्टू व मेरी सास कौशल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई । मैंने सोचा कि तमन्ना व सास कौशल के मरने से मुझे उसके हिस्से की सम्पत्ति मिल जायेगी तथा मेरी पत्नी का ध्यान उधर से हटकर अपने परिवार व बच्ची पर आ जायेगा । मैंने इस कार्य के लिये अपने साथी रिंकू, विशान्त व दीपक को एक-एक लाख रुपये देने का वादा भी किया था क्योंकि मुझे पता था कि मेरी सास के घर में करीब 40-50 लाख रुपये व ज्वैलरी रखी हुई है ।

योजना के अनुसार दो दिन पहले मैंने रिंकू, विशान्त व दीपक से बातकर कुट्टू को मारने की सात तारीख फिक्स कर दी थी और सात तारीख की सायं को मैं व स्नेहा शास्त्रीनगर आये थे। मैं स्नेहा को छोड़कर अपने साथियों से बात करने चला गया था तथा रिंकू व दीपक को चाकू दे आया था तथा उन्हें यह भी बता दिया था कि पैसे व ज्वैलरी अलमारी के ऊपर के खाने में और दीवान में रखी है ।

स्नेहा करीब 12:30 बजे तक अपनी माँ व बेटी के साथ रही, उसके बाद मैं उसे लेकर अपने घर माधवपुरम चला गया था । हमारे जाने के एक घंटे बाद रिंकू, विशान्त व दीपक ने योजना के अनुसार मेरी सास को पैसे माँगने के बहाने फोन करके घर का गेट खुलावाया और अंदर घुसकर मेरी सास व तमन्ना का काम तमाम कर दिया तथा घर में रखी नगदी व ज्वैलरी लूट कर ले गए । योजनानुसार उन्होंने मेरे हिस्से के रुपये व ज्वैलरी वहीं दीवान बैड में रख दी थी तथा अपने – अपने हिस्से की लेकर चले गए थे ।

08 तारीख को सुबह करीब 07:30 बजे किसी ने मेरी पत्नी को फोन किया कि तुम्हारे घर में चोरी हो गयी है । मेरी पत्नी ने मुझे बताया तो मैं उसे लेकर तुरन्त शास्त्रीनगर आया और मैंने उससे सबसे पहले दीवान बैड में रखे पैसे व ज्वैलरी निकालकर गाड़ी में रखने को कहा तो उसने मुझे पैसे व ज्वैलरी निकाल कर दे दी थी मैंने वह गाड़ी में रख दी थी और वहीं लोगो में शोक मनाने के लिये शामिल हो गया था ताकि मेरे ऊपर कोई शक ना करें।

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