Etawah News: There will be offline classes from class 9th to 12th, students will be happy
ब्यूरो संवाददाता
इटावा: सरकार के निर्देश के बाद अब सोमवार से कक्षा 9वीं से 12वीं तक की होंगी ऑफलाइन क्लास। विद्यालय सोमवार को कोरोना के नियमों का पालन करते हुए खोले जाएंगे। खास बात यह है इससे उन छात्र-छात्राओं को राहत मिली है जो ऑनलाइन पढ़ाई से परेशान थे। स्कूल ना खुलने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी लेकिन इसमें वह बात नहीं है जो कक्षा में बैठकर होने वाली पढ़ाई में होती है। इसलिए छात्र और अभिभावक दोनों ही इस बात का इंतजार कर रहे थे कि विद्यालय खुलें और कक्षा में बैठकर पढ़ाई हो। उनका कहना है कि कोरोना कि मजबूरी के चलते यह व्यवस्था चल रही है लेकिन इसमें वह बात नहीं है जो कक्षा में बैठकर पढ़ने में होती है। खास तौर से ऑनलाइन पढ़ाई यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं को ज्यादा परेशान कर रही है क्योंकि उनके पास मोबाइल और नेटवर्क की भी समस्या रहती है।
पिछले वर्ष भी काफी दिनों तक ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई थी। इस बार फिर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई है लेकिन सही यह है कि इस पढ़ाई से ना बच्चे संतुष्ट हैं और ना अभिभावक। शिक्षक भी इस तरह की पढ़ाई से संतुष्ट नहीं है। बच्चों का साफ कहना है कि कक्षा में बैठकर जो पढ़ाई होती है उसका कोई मुकाबला नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई कक्षा में बैठकर होने वाली पढ़ाई की बराबरी नहीं कर सकती। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में तकनीकी रूप से भी इसमें काफी समस्याएं आती हैं। शिक्षक भी इस तरह की पढ़ाई से ज्यादा संतुष्ट नहीं है उन्हें भी लगता है कि कक्षा में बच्चों को बैठाकर जो पढ़ाई होती है वह बात ऑनलाइन पढ़ाई में नहीं आ पाती लेकिन कोरोना के कारण पढ़ाई का यही तरीका अपनाया जा रहा था।
स्कूल खोले जाने पर अभिभावक संघ ने दी सलाह
कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद सोमवार से स्कूल खोले जा रहे हैं। इसे लेकर जिला अभिभावक संघ ने सतर्क रहने और कोरोना के नियमों के पालन के साथ बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की है। जिला अभिभावक संघ के अध्यक्ष संजय सक्सेना, उपाध्यक्ष डॉ आशीष दीक्षित तथा जनपदीय मातृ संघ की अध्यक्ष नीतू सिंह ने कहा है कि अभिभावकों व छात्रों को भी पूरी सतर्कता बरतनी है तथा कोरोना के नियमों का पालन करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मास्क साथ ही विद्यालय भेजें और सोशल डिस्टेंसिंग भी बनाए रखें। इसके साथ यदि संभव हो तो सैनिटाइजर की छोटी शीशी भी बच्चों के पास रहे ताकि वे समय- समय पर अपने हाथों को सैनिटाइज करते रहे। अभिभावक संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि कक्षा में बैठकर पढ़ाई होने से बच्चों की समझ में ज्यादा आसान तरीके से आएगा। इसलिए विद्यालय खोला जाना भी जरूरी था। शासन के निर्देश के बाद अब विद्यालय खोले गए हैं तो बच्चों, अभिभावकों व शिक्षकों को कोरोना नियमों का पालन करना है। उन्होंने विद्यालयों में भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत इंतजाम किए जाने की बात कही है।