Meerut News: Warm clothes distributed on Republic Day in the bitter winter.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
देश भर गणतंत्र दिवस का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। चारो और भारत माता की जय के बोल गूंज रहे थे। भारत माता की जय के गूंज के साथ साथ कुछ दर्द भरे स्वर और भी सुनाई दिए। जो अपनी कड़कती सर्दी में अपनी गरीबी बयां कर रहे थे। इन स्वर को सुनते ही कुछ लोगो के दिलो में हलचल पैदा होने लगी।
इस परिस्थिति को महसूस करते हुए। कुछ संस्थाओं ने अपना हाथ इनकी ओर बढ़ाया। और इनको अपने परिवार की तरह गले लगाया। और इनका दर्द कम करने की एक छोटी सी कोशिश की। फीट फाउंडेशन के फाउंडर ईशान चावला ने गणतंत्र दिवस की खुशियों को बड़ा करते हुए। मेरठ शहर के सिटी रेलवे स्टेशन पर उन गरीब लोगो को कंबल वितरित किए जो रिक्शा चलाते हैं। और सड़क किनारे फुटपाथ पर ही सोते हैं। और पूरे दिन स्टेशन पर ही भीख मांगते रहते हैं। इनको खुद पता भी नहीं होता है कि शाम को कुछ खाने को मिलेगा या नहीं।
हमारे देश में अनगिनत संख्या में लोग बहुत ही ज्यादा गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ना ही इनके पास काम है। ना ही रहने के लिए घर है। और ना ही यह लोग अपने बच्चो को शिक्षा दिला सकते हैं। देश भर में एक ढिंढोरा पीटा जाता है कि गरीबी दूर की गरीबी दूर की। कोन सी गरीबी दूर की। आज भी बच्चे सड़को पर भीख मांगते हैं। आज भी बच्चे और बड़े जूता पॉलिश करते हैं। और इससे बड़ी बात आज भी बच्चो से काम करवाया जाता है। तब उनको कुछ खिलाया जाता है। यह लोग आज भी सर्दी, गर्मी और बरसात में सड़को पर ही अपना दम तोड देते हैं। कोन है इस हालत का जिम्मेदार। कहा है सरकार के वादे। जो इनके सिर पर छत भी नहीं। खाने को रोटी नहीं है। पहने को कड़पे नही है।