संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
निवर्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने आज 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंदिरा चौक, कालीबाग बुलाकी सिंह पथ, तीन लालटेन चौक इत्यादि जगहों में झंडोतोलन किया। सभापति श्रीमती सिकारिया ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम सब अपने स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। कोरोना के संक्रमण के फैलने से बचाव के लिये आज अनेक सुरक्षात्मक पाबन्दियों के बीच हम सब कार्यक्रम कर रहे हैं। आज के दिन मैं याद करना चाहूंगी कि ब्रिटेन से महज व्यवसाय करने अंग्रेज भारत आए थे। इसी के साथ हमारी कमजोरियों को परखने के बाद हमारे देश वासियों की आपसी दूरी को दरार बना कर हम पर आक्रमण कर दिया।
हमारे आपसी फूट के कारण अंग्रेज गुलाम बने हमारे भारतवर्ष के गौरवशाली संस्कृति व साधन संपन्नता का पुरजोर दोहन करने लगे। करीब 200 वर्षों तक हम भारतीयों को अंग्रेजों के शोषण व अत्याचार सहने पड़े। जिससे मुक्ति के लिये 1857 से 15 अगस्त 1947 तक हमें अपने हजारों वीर योद्धा पूर्वजों का बलिदान देना पड़ा।
आज अपने 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के साथ यह भी याद करना होगा कि हमने तब से अब तक काफी तरक्की के बावजूद इतिहास से बहुत सीख नहीं ली है। आज अपने देश की कुल करीब 131 करोड़ की आबादी में तकरीबन 60 फीसदी तादात युवाओं के होने के बावजूद अपने भारतवर्ष की उपलब्धि हमारी क्षमता के अनुरूप नहीं दिखती है। जबकि हमारे देश के युवाओं में राष्ट्र को बदलने की शक्ति है। वैसे, किसी ने सही कहा कि भविष्य युवा पीढ़ी पर टिका है। इसलिए यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम राष्ट्र की सेवा करें और अपने महान विरासत व परम्परा वाले देश की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास करें।
तभी हमारी यह आजादी मजबूती के साथ सुरक्षित रहेगी। आज स्वतंत्रता दिवस मनाने का एक मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को इस देश के लिए उनके लिए एक बेहतर जगह बनाने के लिए किए गए बलिदानों से अवगत कराना होना चाहिए। आज हम सबको अपने अमर पूर्वजों के बलिदान को याद करके अपने देश को शक्तिशाली व हर स्तर पर आत्म निर्भर बनाने का संकल्प लेना है। अंत में मैं आप सबसे अपील करूंगी कि स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाते हुये अपने देश के इतिहास से अपनी पीढ़ी दर पीढ़ी को अवगत कराते रहना है। ताकि हमारे युवा अपने भविष्य और करियर के बारे में गंभीर बनें। अपने देश की बेहतरी के लिये यह सबसे जरूरी है। आज का स्वतंत्रता दिवस हमें अपनी कुर्बानियों के साथ उस लंबी लड़ाई को याद रखने का दिन है। मौके पर वार्ड पार्षद कैंसर जहाँ, पार्षद प्रतिनिधि तंजीर आलम, नेहाल अहमद, विकास कुमार, नवेन्दु चतुर्वेदी, आशा जॉर्ज, रवि गोयनका इत्यादि मौजूद रहे