आशीष कुमार
इटावा: जसवंतनगर कोरोना की दहशत अब शहर के साथ-साथ गांव में भी पहुंच चुकी है। जसवंत नगर क्षेत्र के एक गांव नगला तौर में भी यही स्थिति है। इस गांव में कोरोना से 3 व्यक्तियों की जान जा चुकी है। भय इतना है कि लोगों को बुखार आने पर भी कोरोना की टेस्टिंग से बचते हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि हल्का फुल्का बुखार या खांसी जुखाम होने पर लोग दवा ले लेते हैं और टेस्ट नहीं कराते उन्हें डर है कि यदि पॉजिटिव निकले तो आइसोलेशन में भेज दिया जाएगा और फिर कोई उनसे मतलब भी नहीं रखेगा ।
वैसे इस समय गांव के लोग मौसमी बीमारियों से जूझ रहे हैं । यही कारण है कि ज्यादातर घरों में किसी ना किसी की हल्की फुल्की तबीयत खराब चल रही है गांव के ही डाक्टरों से दवा लेकर अपना इलाज करा रहे हैं और ठीक भी हो रही हैं । दूसरी ओर सरकार के निर्देश पर गांवों में घर-घर चेकिंग की जा रही है आशा बहुएं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा एएनएम घर घर जा रही हैं और यह जानकारी कर रही हैं कि किसी घर में कोई बीमार तो नहीं है । यह भी पूछताछ की जा रही है कि कहीं किसी को जुखाम बुखार खांसी तो नहीं है लेकिन खास बात यह है कि इन टीमों को भी लोग कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। जिससे उन्हें सही जानकारी मिल सके पूछने पर सब कुछ ठीक है कह दिया जाता है क्योंकि फिर उन्हें टेस्टिंग का डर सताने लगता है। इस समय सरकार की ओर से साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है लेकिन मजे की बात यह है कि नगला तौर में अभी तक सैनिटाइजेशन नहीं हुआ है जबकि यहां बीमारी फैली है और लोग बीमारी से परेशान हैं। यदि एक साथ पूरे गांव की टेस्टिंग करा ली जाए तो कई मरीज मिल सकते हैं। गांव के बहुत से लोग नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं जिससे खतरा बढ़ रहा है।
गांव के रहने वाले पुनीत कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे लॉकडाउन का पालन करें तथा घर में ही रहे ज्यादा बेमतलब इधर उधर घूमने से बचें और यदि उन्हें इसी तरह की कोई समस्या होती है तो टेस्टिंग जरूर कराएं गांव के रहने वाले श्याम वीर सिंह बघेल सत्यवीर का कहना है कि बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है इसका डटकर मुकाबला करें लोग सावधान रहें नियमों का पालन करें और दूसरों को भी नियम पालन करने से कहें इसके साथ ही साफ सफाई पर खास ध्यान रखें। गांव के ही रहने वाले राम कुमार का कहना है कि इस समय साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए लेकिन गांव में सैनिटाइजेशन की कोई व्यवस्था नहीं है। यह चिंता की बात है सैनिटाइजेशन कराया जाना चाहिए।