Ambedkar Nagar News :अम्बेडकरनगर: झाड़ियों से घिरा काली माता मंदिर, नवरात्रि में श्रद्धालु परेशान
संवाददाता पंकज कुमार
आलापुर, अम्बेडकरनगर।
अम्बेडकरनगर जिले के जहांगीरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ठेगीपुर में सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। गांव में स्थित काली माता मंदिर के आसपास झाड़-झंखाड़ उग आने से श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर भी मंदिर परिसर की साफ-सफाई नहीं होने से संबंधित विभाग और सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आते हैं। कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते गांव के सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी और झाड़ियां फैल रही हैं। काली माता मंदिर के आसपास उगी झाड़ियां इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि परिसर में लंबे समय से नियमित साफ-सफाई नहीं हुई है। इससे नवरात्रि के दौरान माता के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।
नवरात्रि में भी मंदिर परिसर की सफाई नहीं
नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इस दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद ठेगीपुर गांव स्थित काली माता मंदिर के आसपास झाड़-झंखाड़ का फैला होना ग्रामीण सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान किस तरह संचालित किया जा रहा है? शासन स्तर से गांवों में स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन मंदिर परिसर की बदहाल स्थिति इन निर्देशों के पालन पर सवाल खड़े कर रही है।
सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों को नियमित वेतन दिया जाता है, ताकि गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था बनी रहे। ऐसे में यदि कर्मचारी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करते हैं, तो स्वच्छता अभियान का उद्देश्य कैसे पूरा होगा? यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने भी उठाए सवाल
इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार राय ने गांव में तैनात सफाई कर्मचारी की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारी मनमानी करते हैं और उनकी बात भी नहीं सुनते हैं। राजकुमार राय के मुताबिक, सफाई व्यवस्था में सुधार कराने के लिए कई बार एडीओ पंचायत और खंड विकास अधिकारी से शिकायत की गई, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की ओर से शिकायत किए जाने के बावजूद यदि मंदिर परिसर की सफाई नहीं हो पा रही है, तो यह संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, सफाई कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने की तत्काल सफाई और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से काली माता मंदिर परिसर की तत्काल साफ-सफाई कराने, सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए और नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मंदिर परिसर की साफ-सफाई के लिए कब तक आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, ठेगीपुर गांव के काली माता मंदिर के आसपास फैली झाड़-झंखाड़ ने ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल यही है कि आखिर कब होगी काली माता मंदिर परिसर की साफ-सफाई और कब सुनिश्चित होगी गांव में नियमित स्वच्छता व्यवस्था?