रिपोर्ट: विजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पीड़ितों को न्याय दिलाना और पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। सरकार का संकल्प है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को न्याय और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, पुलिस और प्रशासन से जुड़े विभिन्न मामलों को उठाया गया। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और समस्या के समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से संबंधित मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच कराने तथा निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमजोर वर्गों और जरूरतमंद लोगों का उत्पीड़न करने तथा अवैध कब्जे के माध्यम से दबंगई दिखाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर नियमानुसार समाधान किया जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण के संबंध में उन्होंने कई जनपदों के उच्चाधिकारियों और शासन के अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक निर्देश भी दिए।
महिलाओं और जरूरतमंदों की शिकायतों पर विशेष संवेदनशीलता
जनता दर्शन के दौरान उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों की शिकायतों के निस्तारण में विशेष संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अधिकारियों को ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करने का अवसर मिलता है।
पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही सुशासन का आधार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों के प्रति जवाबदेही सुशासन के मूल आधार हैं। प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ जनता की सेवा करने और लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। किसी भी नागरिक को अपनी शिकायत के निस्तारण के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करना होगा।