Bihar News :बेतिया में जनसुनवाई: डीएम तरनजोत सिंह ने सुनीं 49 शिकायतें
संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 49 मामलों की सुनवाई की गई। कई शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों अमित कुमार पाण्डे, सुनील कुमार मिश्रा, भिखारी दास, तनीषा भारती, वासुदेव शर्मा, संगीता कुमारी, लालझरी देवी, प्रीति देवी, अमीर महतो सहित अन्य लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनसुनवाई के दौरान राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल, सड़क निर्माण एवं मरम्मत सहित विभिन्न जनसमस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता बरतने और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने पर जोर दिया। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निपटारे में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई कार्यक्रम राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत संचालित ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान करना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाना है।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अमरेंद्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता नगमा तबस्सुम, प्रभारी पदाधिकारी जिला जनता दरबार मासूम अंसारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का उद्देश्य है कि आम लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो और उन्हें अपनी समस्याओं के निवारण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।पर समाधान हो और उन्हें अपनी समस्याओं के निवारण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।