संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने बुधवार को पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड की डुमरिया पंचायत के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को ₹15 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कृपाल चंद्र जयसवाल के नेतृत्व में की गई।

डीएसपी कृपाल चंद्र जयसवाल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मलदहिया निवासी शिकायतकर्ता परवेज कौसर ने 27 जुलाई को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि पंचायत सचिव उनके लंबित ठेकेदारी बिल के भुगतान के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत की जांच कराई गई, जिसमें रिश्वत मांगने का आरोप सत्य पाया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।

बुधवार को शिकायतकर्ता को ₹15 हजार की पहली किस्त लेकर पंचायत सचिव के पास भेजा गया। जैसे ही शंकर प्रसाद ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता एवं मलदहिया निवासी ठेकेदार परवेज कौसर ने बताया कि उनकी एजेंसी को पंचायती राज विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में डुमरिया पंचायत में नल-जल योजना के रखरखाव (मेंटेनेंस) का कार्य आवंटित किया गया था। कार्य पूरा होने के बावजूद उनका ₹73 हजार का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि पंचायत सचिव शंकर प्रसाद लंबित बिल का भुगतान कराने तथा माप पुस्तिका (एमबी) से संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के एवज में ₹28 हजार रिश्वत की मांग कर रहे थे। उन्होंने पहली किस्त के रूप में ₹15 हजार तत्काल देने का दबाव बनाया था।
सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की राशि सौंपते ही विजिलेंस की टीम ने आरोपी पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई में डीएसपी कृपाल चंद्र जयसवाल के अलावा पुलिस इंस्पेक्टर आदित्य अंशु, सब-इंस्पेक्टर ऋषि कुमार, एएसआई कृष्ण जीवन सिंह तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अन्य अधिकारी एवं कर्मी शामिल रहे। गिरफ्तार पंचायत सचिव को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले जाया गया।