संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।
झारखंड के चाईबासा में ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पिंटू कुमार का निधन हो गया। मंगलवार की देर रात इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

गुरुवार की सुबह लगभग 8 बजे उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ पैतृक गांव फरीदपुर पहुंचा। फूलों से सजी वाहन से जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा क्षेत्र “पिंटू कुमार अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, जनप्रतिनिधि एवं आसपास के लोग उनके पैतृक आवास पर पहुंचे। पत्नी आरती कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था और वे बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। वहीं डेढ़ माह के मासूम बेटे को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
पिंटू कुमार वर्ष 2016 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती झारखंड के चाईबासा क्षेत्र में थी। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
वे अपने पीछे पिता शिवजी शाह, माता प्रमिला देवी, पत्नी आरती कुमारी, दो पुत्रियां तथा डेढ़ माह का एक पुत्र छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी पुत्री जूही तान्या (6 वर्ष), दूसरी पुत्री कीर्ति मिशा (2 वर्ष) तथा पुत्र की उम्र मात्र डेढ़ माह है। उनका विवाह 10 दिसंबर 2018 को महुआ थाना क्षेत्र के मौदह सलखनी गांव निवासी आरती कुमारी के साथ हुआ था।
पिता शिवजी शाह गांव में किराना दुकान चलाते हैं। परिवार में दो भाई और दो बहन हैं। बड़े भाई राजू कुमार पिता के व्यवसाय में सहयोग करते हैं।
करीब एक घंटे तक पार्थिव शरीर को पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां परिजनों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सीआरपीएफ और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए हाजीपुर के कोनहारा घाट ले जाया गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने शामिल होकर नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।