संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
बरांटी (बिदुपुर स्टेशन), वैशाली।
बरांटी थाना क्षेत्र के बरांटी गांव स्थित मुशहरी टोला में लगभग दस दिन पहले आए साधु-संत अपने साथ एक ऊंट भी लेकर आए थे। ग्रामीणों के अनुसार, साधु-संत ऊंट के साथ आसपास के गांवों में भ्रमण करते थे और लोगों से चंदे के नाम पर सहयोग राशि एकत्र करते थे। बताया जाता है कि उनके दल में करीब दस लोग शामिल थे और वे मुशहरी टोला में डेरा डाले हुए थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि ऊंट की पीठ और नाक पर गंभीर घाव थे, जिनमें कीड़े पड़ गए थे। इसके बावजूद उसका समुचित उपचार नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घायल होने के बावजूद ऊंट का उपयोग आवागमन और भ्रमण के लिए किया जाता रहा।
बुधवार रात साधु-संत कथित रूप से ऊंट को वहीं छोड़कर चले गए। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल ऊंट की देखभाल की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली।
बरांटी गांव निवासी हरेंद्र राय ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से प्रतिदिन ऊंट का उपचार कराया जा रहा है। उसे नियमित रूप से पशु चिकित्सक के पास ले जाया जा रहा है तथा चारा और अन्य आवश्यक देखभाल भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद ऊंट के घाव में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं पशुपालन विभाग से भी मामले का संज्ञान लेकर घायल ऊंट के समुचित उपचार और संरक्षण