संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिम चंपारण में बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) की जिला स्तरीय बैठक बलिराम भवन में जिला अध्यक्ष सीमा देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिलेभर से पहुंची आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने लंबित मानदेय, बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और समस्याओं के समाधान की मांग की।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण सेविकाओं एवं सहायिकाओं के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उनका कहना था कि परिवार का भरण-पोषण कठिन होता जा रहा है, जबकि सरकार और विभाग उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के अधिकांश कार्यों को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है, लेकिन सेविकाओं को न तो सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराया गया है और न ही मोबाइल खरीदने अथवा रिचार्ज के लिए कोई आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा केंद्रों के लिए मकान किराया, वार्षिक कंटिजेंसी राशि तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का भुगतान भी लंबे समय से लंबित होने का आरोप लगाया गया, जिससे केंद्रों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बैठक में विशेष रूप से लौरिया परियोजना की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई केंद्रों पर पोषाहार उपलब्ध नहीं होने के बावजूद सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। उनका कहना था कि विभागीय स्तर की कमियों का दायित्व सेविकाओं पर डाला जा रहा है, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं पोषण अभियान, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सर्वेक्षण सहित सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। इसके तहत जुलाई माह में जिले के सभी परियोजना कार्यालयों पर प्रदर्शन कर मांग-पत्र सौंपा जाएगा, जबकि अगस्त में जिला मुख्यालय पर व्यापक प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए एटक के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सेविका-सहायिकाओं से संगठित रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
बैठक में जिला संगठन प्रभारी अजय वर्मा सहित सीता देवी, गोदावरी देवी, सरिता शुक्ला, पम्मी रानी, अर्पण राय, सुधा देवी, विभा देवी, संजू देवी, हसीना, मीना, परमिला, तब्बसुम, आनंद श्रीवास्तव, त्रिगुण देवी, विनय, राजा जी समेत बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं उपस्थित रहीं।