संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र अंतर्गत ठाड़ी गांव के समीप धनहिया में गुरुवार को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने एक जेसीबी मशीन में आग लगा दी। घटना में वनकर्मियों एवं ग्रामीणों सहित करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग की लगभग पांच एकड़ भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण कर गन्ने की खेती की गई थी। इसी अतिक्रमण को हटाने के लिए वन विभाग की टीम तीन जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान आक्रोशित लोगों ने गन्ने के खेत में कार्यरत एक जेसीबी मशीन में आग लगा दी।

घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ के उग्र तेवर के कारण हालात नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बाद बगहा के एसडीपीओ निहार भूषण तथा एसएसबी के अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल एवं वनकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों के बीच झड़प की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति अब नियंत्रण में है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वन विभाग की ओर से आवेदन प्राप्त होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर चिन्हित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।