संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
नगर निगम बेतिया क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 में जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया एवं स्थानीय पार्षद के प्रयास से बानूछापर मुहल्ले के हाजमा टोला स्थित माता मरियम मंदिर से उमेश यादव के घर होते हुए नहर तक नाला निर्माण कार्य का कार्यादेश जारी कर दिया गया है।

महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि इस योजना के लिए नगर निगम बोर्ड द्वारा 90 लाख 4 हजार 300 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। नगर निगम द्वारा जारी कार्यादेश के अनुसार नाला निर्माण का कार्य मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को सौंपा गया है। बीओक्यू (BOQ) के अनुरूप लगभग 72 लाख 88 हजार 176 रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यादेश में निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कार्य प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह के भीतर नाला निर्माण कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।
महापौर ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ब्लैक स्टोन, सोन नदी की बालू एवं अन्य स्वीकृत मानक सामग्री के उपयोग का निर्देश दिया गया है। यदि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित संवेदक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी डाला जा सकता है।
कार्यादेश की शर्तों के अनुसार निर्माण स्थल पर योजना संबंधी सूचना पट्ट लगाना, कार्य के विभिन्न चरणों की फोटो एवं वीडियो उपलब्ध कराना तथा निर्धारित प्रपत्रों को भरना अनिवार्य होगा। नगर निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद 36 माह तक किसी भी प्रकार की निर्माण संबंधी त्रुटि के सुधार की जिम्मेदारी संवेदक की होगी।
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वार्डवासियों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।