संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए 102 एम्बुलेंस सेवा को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस संचालन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार में संचालित 102 एम्बुलेंस सेवा के प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने जिले में संचालित सभी एम्बुलेंसों एवं कॉल सेंटर टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों तक शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सके।
भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, लू लगना, चमकी, चक्कर आना, बेहोशी, सांस संबंधी समस्याओं तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए सेवा की तैयारियों को और मजबूत किया गया है। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात एम्बुलेंस कर्मियों को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन कॉल मिलते ही तुरंत एम्बुलेंस भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार के सहयोग से ज़ेन प्लस सर्विसेज द्वारा संचालित 102 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह निःशुल्क है। पश्चिमी चंपारण जिले में कुल 72 एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनमें 19 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS), 49 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस और 4 शव वाहन शामिल हैं। प्रत्येक एम्बुलेंस में चालक के साथ प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) तैनात रहते हैं। साथ ही 24×7 अनुभवी एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम वीडियो कॉल के माध्यम से मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है।
सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सेवा संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कॉल सेंटर से लेकर फील्ड में कार्यरत एम्बुलेंस टीमों तक सभी को अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
एसीओ नितेश सिंह ने जिलेवासियों से अपील की कि तेज धूप और लू के दौरान यदि किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है तो घबराएं नहीं और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत 102 एम्बुलेंस सेवा का लाभ लें।