संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया,पश्चिम चंपारण।
पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक की शुरुआत सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने सभी वरीय अधिकारियों को लंबित आवेदनों का प्रभावी एवं संतोषजनक निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना ठोस एवं वैध कारण के किसी भी आवेदन को अस्वीकृत न किया जाए तथा प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बुडको द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गत वित्तीय वर्ष की लंबित योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। साथ ही नई योजनाओं की निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों एवं संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी रखी जाए, तटबंधों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सिविल सर्जन को जीविका, आईसीडीएस एवं शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को फ्लेक्स, बैनर और सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक टीबी मरीजों की पहचान कर उनका समुचित उपचार किया जा सके और पश्चिम चंपारण को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
बैठक में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया एवं खून की कमी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें इंट्रावेनस आयरन थेरेपी (IV Iron Therapy) उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार, निदेशक (डीआरडीए) अरुण प्रकाश, विशेष कार्य पदाधिकारी (जिला गोपनीय शाखा) सुजीत कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।