बेतिया, पश्चिम चंपारण
संवाददाता: मोहन सिंह
पश्चिम चंपारण जिले में जिला प्रशासन और जिला परिषद की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को नई दिशा मिल रही है। जिला पदाधिकारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन तथा पूर्व उप विकास आयुक्त सुमित कुमार के प्रयासों से षष्ठम राज्य वित्त आयोग मद के तहत जिला परिषद, पश्चिम चंपारण द्वारा जिले के विभिन्न पंचायतों और विद्यालयों में 49 सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना की गई है।

इन पुस्तकालयों की स्थापना थरुहट महाविद्यालय हरनातांड, पंचायत सरकार भवन दक्षिण तेलुआ, उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंडिलपुर सहित अन्य ग्रामीण उच्च विद्यालयों एवं पंचायत सरकार भवनों में की गई है।
प्रत्येक पुस्तकालय में लगभग 1,200 पुस्तकें, बुक शेल्फ, फर्नीचर, पंखे तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। पुस्तकों में NCERT पाठ्यक्रम के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकें भी शामिल हैं।
इन पुस्तकालयों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ-साथ विद्यालयी छात्रों को भी लाभ मिल रहा है। सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में ये पुस्तकालय शिक्षा के सामुदायिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं और स्व-अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।
जिला परिषद का मानना है कि ये सार्वजनिक पुस्तकालय केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, एकता और सामुदायिक विकास के मजबूत आधार भी बन रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शैक्षणिक असमानता कम करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।