संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने समाहरणालय सभागार में राजस्व विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान ई-म्यूटेशन, परिमार्जन, ई-मापी, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा-2, अंचलवार अतिक्रमित भूमि, अंचल कार्यालयों में प्राप्त जन शिकायतों का निवारण, जन शिकायत पोर्टल, मुख्यमंत्री ई-कम्प्लायंस डैशबोर्ड, जिला पदाधिकारी की जनसुनवाई में प्राप्त एवं लंबित मामलों, सीडब्ल्यूजेसी, एमजेसी, सीआरडब्ल्यूजेसी, एलपीए, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से संबंधित भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव, अन्य भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव तथा डीसीएलआर कोर्ट की अद्यतन स्थिति सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े सभी कार्य आम जनता के हितों एवं अधिकारों से सीधे संबंधित हैं। इसलिए सभी मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने ई-म्यूटेशन, परिमार्जन, ई-मापी एवं आधार सीडिंग से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, अभियान बसेरा-2 के अंतर्गत पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने, अतिक्रमित सरकारी भूमि को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा जन शिकायतों के निष्पादन में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
जिला पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री ई-कम्प्लायंस डैशबोर्ड एवं न्यायालय से संबंधित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जवाबदेही एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक में अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।