आगरा। Fortis Escorts Hospital और Indian Medical Association (आईएमए), आगरा द्वारा संयुक्त रूप से शहर के Fairfield by Marriott में मेडिकल एक्सीलेंस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आगरा सहित आसपास के क्षेत्रों के कई विशेषज्ञ डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रोबोटिक-एसिस्टेड सर्जरी, कार्डियो थोरेसिक वास्कुलर सर्जरी (CTVS) और यूरोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकासों पर चर्चा करना था। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा में रोबोटिक और मिनीमली इनवेसिव तकनीकों से न केवल सर्जरी की सटीकता बढ़ी है, बल्कि मरीजों को कम दर्द, कम जटिलताएं और तेजी से रिकवरी का लाभ भी मिल रहा है।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम का नेतृत्व Dr. Ritwik Raj Bhuyan (डायरेक्टर, CTVS एवं लीड, मिनीमली इनवेसिव एंड रोबोटिक कार्डियक सर्जरी) और Dr. Pankaj Panwar (एडिशनल डायरेक्टर, किडनी ट्रांसप्लांट एवं रोबोटिक यूरोलॉजी) ने किया।
डॉ. भुयान ने “मिनीमली इनवेसिव एंड रोबोटिक कार्डियक सर्जरी” विषय पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि रोबोटिक तकनीक से जटिल हृदय सर्जरी में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। इससे ऑपरेशन के दौरान शरीर को कम नुकसान होता है, अस्पताल में कम समय तक रहना पड़ता है और मरीज तेजी से स्वस्थ होते हैं।
यूरोलॉजी और कैंसर पर अहम जानकारी
डॉ. पंकज पंवार ने “पेनलेस हेमट्यूरिया: डोंट मिस ब्लैडर कैंसर” विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिना दर्द के पेशाब में खून आना ब्लैडर कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि रोबोटिक तकनीक से किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य जटिल सर्जरी अब अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गई हैं।
मरीजों को मिल रहे बेहतर परिणाम
विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक-एसिस्टेड सर्जरी से
सर्जिकल सटीकता में वृद्धि
कम ऑपरेटिव ट्रॉमा
कम जटिलताएं
जल्दी रिकवरी
जैसे महत्वपूर्ण फायदे देखने को मिल रहे हैं।
IMA ने बताया महत्वपूर्ण मंच
Dr. Pankaj Nagayach, अध्यक्ष, IMA आगरा ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक मंच डॉक्टरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे ज्ञान साझा करने और नई तकनीकों को अपनाने में मदद मिलती है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
सहयोग और सीखने पर जोर
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग आवश्यक है। साथ ही, नई तकनीकों को अपनाने और निरंतर सीखने से ही मरीजों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।