Bihar News : बेतिया में 12 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न

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बेतिया के मां काली धाम मंदिर में 12 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह आयोजित किया गया, जिसमें हजारों नगरवासी शामिल हुए।

बेतिया मां काली धाम मंदिर में 12 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह
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संवाददाता : मोहन सिंह
स्थान : बेतिया, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार)
दिनांक : 15 मार्च 2026

बेतिया । मां काली धाम मंदिर में 12 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह सामूहिक विवाह बेतिया में एक बार फिर सामाजिक एकता और मानवता की मिसाल देखने को मिली। पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया स्थित मां काली धाम मंदिर परिसर में 12 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न कराया गया।

यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी मां काली धाम

सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर के हजारों महिला और पुरुष शामिल हुए और इस पुनीत कार्य के साक्षी बने।

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वर्ष 2005 से लगातार हो रहा है सामूहिक विवाह आयोजन
मां काली धाम सामूहिक विवाह समिति द्वारा वर्ष 2005 से लगातार हर साल इस प्रकार का सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

बेतिया मां काली धाम मंदिर में 12 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है। इसमें नगर के दानवीर और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करते हैं।

समिति द्वारा प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थ जीवन शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री भी प्रदान की जाती है।

नवविवाहित जोड़ों को दिए गए आवश्यक उपहार

सामूहिक विवाह में शामिल सभी 12 कन्याओं को विवाह के बाद गृहस्थ जीवन शुरू करने के लिए कई आवश्यक वस्तुएं प्रदान की गईं। इनमें शामिल हैं-  जेवर ,कपड़े , बर्तन ,घरेलू उपयोग की सामग्री ।
इन उपहारों का उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को नए जीवन की शुरुआत में सहयोग देना है।

बेतिया राज बेवड़ी से निकली बारात

सामूहिक विवाह के अवसर पर बेतिया राज बेवड़ी से 12 दुल्हनों की बारात एक साथ बाजे-गाजे के साथ निकाली गई।
बारात नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मां काली धाम मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान नगर के हजारों लोग बाराती के रूप में शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ इस समारोह का आनंद लिया।

सनातन परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ विवाह

मंदिर परिसर में सभी जोड़ों का विवाह सनातन परंपरा और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।

विवाह समारोह के दौरान अग्नि के सात फेरे लेकर दूल्हा-दुल्हन ने जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर धार्मिक वातावरण के बीच पूरे कार्यक्रम को विधिपूर्वक संपन्न कराया गया।

भंडारे का भी किया गया आयोजन

सामूहिक विवाह समारोह के बाद मंदिर परिसर में भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस आयोजन ने समाज में सहयोग, सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

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