अम्बेडकर नगर। संवाददाता पंकज कुमार
मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम, खांसी और हल्के बुखार के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। विशेषकर जनवरी-फरवरी के महीनों में वायरल संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है।
अम्बेडकर नगर जिले के विकासखंड जहांगीरगंज अंतर्गत देवरिया बाजार स्थित आलम मेडिकल फार्मेसी क्लीनिक के संचालक डॉ. फार्मासिस्ट एवं कंसल्टेंट आलम शेख ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी, नाक बंद होना और हल्का बुखार जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
डॉ. आलम शेख ने कहा कि ऐसे वायरल संक्रमण आमतौर पर सामान्य होते हैं और कुछ सावधानियां अपनाकर आसानी से इनसे बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी है, विशेषकर गला, सिर और पैरों को ढककर रखना चाहिए। ठंडा पानी, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक से परहेज करना चाहिए तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग लाभकारी होता है।
उन्होंने घरेलू उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि दिन में कई बार गर्म पानी पीना चाहिए। तुलसी-अदरक का काढ़ा, रात में हल्दी वाला दूध और सुबह खाली पेट अदरक, काली मिर्च व लौंग का काढ़ा पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
दवाओं के विषय में डॉ. आलम शेख ने बताया कि यदि जुकाम ज्यादा बढ़ जाए, 3-4 दिनों में आराम न मिले या नाक अत्यधिक बंद हो जाए, तो कारवाल प्लस (1-0-1) की मात्रा ली जा सकती है। साथ ही गर्म पानी में विक्स डालकर भाप लेना फायदेमंद होता है। हल्के बुखार और शरीर दर्द की स्थिति में सिटालिन या पैरासिटामोल से राहत मिल सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य वायरल सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं होती और बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।