संवाददाता आशीष कुमार -जसवंतनगर
इटावा जिले के जसवंतनगर ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक शिवपाल सिंह यादव ने प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ब्लॉक परिसर में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया।

कार्यक्रम में प्रेरणा कैंटीन समेत कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की शुरुआत की गई।उद्घाटन किए गए कार्यों में ब्लॉक प्रमुख कक्ष, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कक्ष, पंचायत सचिव कक्ष एवं तकनीकी सहायक कक्ष शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न निर्माण कार्यों से संबंधित शिलालेखों का लोकार्पण किया गया तथा प्रेरणा स्थल में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शिवपाल सिंह यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान और लोकतंत्र पर लगातार प्रहार हो रहा है तथा भाजपा सरकार संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं कर रही है।
उन्होंने आउटसोर्सिंग नौकरियों में हो रही अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कागजों में कर्मचारियों का वेतन 14 हजार रुपये दिखाया जाता है, जबकि वास्तविक भुगतान मात्र 8 हजार रुपये किया जाता है। साथ ही उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और देश पर लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों को बंद किया जाना सरकार के विकास दावों की पोल खोलता है।
प्रेरणा स्थल की सराहना करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने इसे सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मजबूत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ब्लॉक प्रमुख डॉ. अंजली यादव एवं उनके प्रतिनिधि अनुज ‘मोंटी’ यादव द्वारा विभिन्न जातियों और वर्गों के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करना समाज से भेदभाव मिटाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।
इस अवसर पर बदायूं से सांसद आदित्य अंकुर यादव ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार झूठ और भ्रम फैलाकर सत्ता में बनी हुई है तथा समाज का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नफरत की राजनीति कर देश को बांटने का काम कर रही है।
आदित्य अंकुर यादव ने प्रेरणा स्थल को सभी जातियों और वर्गों का साझा मंच बताते हुए कहा कि यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर, रानी अवंतीबाई लोधी, नेताजी मुलायम सिंह यादव, भगवान गौतम बुद्ध एवं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो सामाजिक एकता और समरसता का सशक्त संदेश देती हैं।