बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिम चंपारण जिले में छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर बड़ी प्रशासनिक पहल सामने आई है। उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन की अध्यक्षता में आयोजित जिला छात्रवृत्ति समिति की बैठक में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग के 4982 छात्रों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1299 छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को स्वीकृति दी गई।

यह स्वीकृति पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत प्रदान की गई है। बैठक के दौरान कई प्रखंडों से अपेक्षाकृत कम संख्या में आवेदन प्राप्त होने पर समिति सदस्यों ने चिंता व्यक्त की।

इस पर उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर नामांकित विद्यार्थियों में से कम से कम 50 प्रतिशत छात्रों का छात्रवृत्ति आवेदन सुनिश्चित कराएं, ताकि कोई भी पात्र छात्र योजना से वंचित न रह जाए।
वहीं फिजिकल कमिटी द्वारा बड़ी संख्या में आवेदनों को लंबित रखे जाने को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण के निर्देश पर सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों (BWO) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई।
बैठक में सामने आया कि 1000 से अधिक आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया था। इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित BEO एवं BWO का वेतन स्थगित कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र छात्रों को समय पर लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।